hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Gaurav Singh
aisa na ho ki pyaar ka mazmoon bhaapkar
aisa na ho ki pyaar ka mazmoon bhaapkar | ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भांपकर
- Gaurav Singh
ऐसा
न
हो
कि
प्यार
का
मज़मून
भांपकर
ख़त
खोलिए
तो
उस
में
उदासी
के
अक्स
हो
- Gaurav Singh
Download Sher Image
हाँ
यही
मेरी
ख़ुद-शनासी
है
जिस्म
ताज़ा
है
रूह
बासी
है
सब
हँसी
को
हँसी
समझते
हैं
तुम
तो
समझो
हँसी
उदासी
है
Read Full
Armaan khan
Send
Download Image
9 Likes
उसे
बेचैन
कर
जाऊँगा
मैं
भी
ख़मोशी
से
गुज़र
जाऊँगा
मैं
भी
Ameer Qazalbash
Send
Download Image
52 Likes
उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
Send
Download Image
69 Likes
बड़ी
जल्दी
में
था
उस
दिन
ज़रा
बेचैन
भी
था
वो
उसे
कहना
था
कुछ
मुझ
सेे
मगर
वो
कह
नहीं
पाया
Varun Anand
Send
Download Image
45 Likes
उदासी
पर
कहे
हैं
शे'र
सबने
उदासी
को
जिया
कितनों
ने
लेकिन
?
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
48 Likes
गर
उदासी,
चिड़चिड़ापन,
जान
देना
प्यार
है
माफ़
करना,
काम
मुझको
और
भी
हैं
दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
8 Likes
ख़ुदा
को
मान
कि
तुझ
लब
के
चूमने
के
सिवा
कोई
इलाज
नहीं
आज
की
उदासी
का
Zafar Iqbal
Send
Download Image
51 Likes
कहा
जो
कृष्ण
ने
गीता
में
रक्खेगा
अगर
तू
याद
भले
जितना
घना
जंगल
हो
पर
तू
खो
नहीं
सकता
Amaan Pathan
Send
Download Image
12 Likes
नाप
रहा
था
एक
उदासी
की
गहराई
हाथ
पकड़कर
वापस
लायी
है
तन्हाई
वस्ल
दिनों
को
काफ़ी
छोटा
कर
देता
है
हिज्र
बढ़ा
देता
है
रातों
की
लम्बाई
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
58 Likes
मेरे
कमरे
में
उदासी
है
क़यामत
की
मगर
एक
तस्वीर
पुरानी
सी
हँसा
करती
है
Abbas Qamar
Send
Download Image
54 Likes
Read More
उदासी
है
न
यादें
हैं
न
तेरे
काल
का
चक्कर
हमारी
शाम
है
जाना
तुम्हारे
शाम
से
बेहतर
Gaurav Singh
Send
Download Image
1 Like
बहुत
छोटे
थे
हम
सब
तो
हमारी
माँ
बताती
थी
महाभारत
का
होना
भी
उसी
गिरधर
की
मर्ज़ी
थी
Gaurav Singh
Send
Download Image
5 Likes
जिस
दुनिया
में
औरत
पूजी
जाती
उस
में
द्रौपदियों
की
साड़ी
खींची
जाती
है
Read Full
Gaurav Singh
Send
Download Image
1 Like
मेरे
घर
में
छः
लोग
और
दुनिया
में
इतनी
महंगाई
मैं
ग़ज़लें
लिख
के
उनका
पेट
पालूं
तो
भला
कैसे
Gaurav Singh
Send
Download Image
7 Likes
क्या
विवशता
थी
वो
सोचो
क्या
समय
आया
था
वो
भी
राम
जी
सीता
से
बोले
आग
पर
चलना
पड़ेगा
Gaurav Singh
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Muflisi Shayari
Nazara Shayari
Husn Shayari
Delhi Shayari
Chehra Shayari