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Dileep Kumar
ye nahin ki baad men aayi hai
ye nahin ki baad men aayi hai | ये नहीं कि बाद में आई है
- Dileep Kumar
ये
नहीं
कि
बाद
में
आई
है
ये
उदासी
मुझ
में
अज़ल
से
है
- Dileep Kumar
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अज़ल
से
ले
कर
के
आज
तक
मैं
कभी
भी
तन्हा
नहीं
रहा
हूँ
कभी
थे
तुम
तो,
कभी
थी
दुनिया,
कभी
ये
ग़ज़लें,
कभी
उदासी
Ankit Maurya
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मेरी
बेचैनी
का
आलम
मेरी
बेचैनी
से
पूछो
मेरे
चहरे
से
पूछोगे
कहेगा
ठीक
है
सब
कुछ
Aqib khan
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उदासी
जैसे
कि
उसके
बदन
का
हिस्सा
है
अधूरा
लगता
है
वो
शख़्स
अगर
उदास
न
हो
Vikram Sharma
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कोई
इतना
प्यारा
कैसे
हो
सकता
है
फिर
सारे
का
सारा
कैसे
हो
सकता
है
तुझ
सेे
जब
मिलकर
भी
उदासी
कम
नहीं
होती
तेरे
बग़ैर
गुज़ारा
कैसे
हो
सकता
है
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Jawwad Sheikh
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नाप
रहा
था
एक
उदासी
की
गहराई
हाथ
पकड़कर
वापस
लायी
है
तन्हाई
वस्ल
दिनों
को
काफ़ी
छोटा
कर
देता
है
हिज्र
बढ़ा
देता
है
रातों
की
लम्बाई
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Tanoj Dadhich
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उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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मेरे
कमरे
में
उदासी
है
क़यामत
की
मगर
एक
तस्वीर
पुरानी
सी
हँसा
करती
है
Abbas Qamar
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तुम्हारी
एक
हरकत
से
उदासी
आए
चेहरे
पर
किसी
को
इस
तरह
भी
मत
करो
लाचार
होली
में
Vijay Anand Mahir
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ख़मोशी
तो
यही
बतला
रही
है
उदासी
रास
मुझको
आ
रही
है
मुझे
जिन
ग़लतियों
से
सीखना
था
वही
फिर
ज़िंदगी
दोहरा
रही
है
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Vishal Singh Tabish
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हम
पे
एहसान
हैं
उदासी
के
मुस्कुराएँ
तो
शर्म
आती
है
Varun Anand
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मेरी
निय्यत
पे
उसे
शक
हो
गया
है
कह
दिया
जो
ख़ूब-सूरत
उसको
मैंने
Dileep Kumar
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इक
आदमी
भी
जब
नहीं
राज़ी
लतीफ़ों
के
लिए
फिर
तो
बचा
ही
कुछ
नहीं
हैं
हम
दरख़्तों
के
लिए
जो
ज़हर
फैलाने
लगी
है
हर
तरफ़
से
हर
कहीं
कोई
दवा
है
तो
बताओ
उन
हवाओं
के
लिए
किस
बात
पर
तुम
ने
भरोसा
कर
लिया
उस
शख़्स
का
मशहूर
है
जो
शहर
भर
में
बस
फ़सानों
के
लिए
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Dileep Kumar
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एक
तो
कुछ
भी
कहा
जाता
नहीं
और
फिर
चुप
भी
रहा
जाता
नहीं
इसलिए
भी
माफ़
कर
देता
है
वो
दरमियाँ
कुछ
हो,
सहा
जाता
नहीं
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Dileep Kumar
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सारी
कहानी
ही
अनसुनी
है
ये
ज़िंदगी
तो
बाज़ीगरी
है
मैं
ये
अचानक
से
सोचता
हूँ
पत्थर
सी
बन
तू
क्या
सोचती
है
ये
नाम,
इज़्ज़त,
शोहरत
नहीं
कुछ
मेरी
कमाई
इक
झोपड़ी
है
उसको
किसी
से
तो
इश्क़
है
पर
ये
बात
वो
हँस
के
टालती
है
पहले
पहल
ही
अच्छी
लगी
थी
पर
ज़हर
सी
अब
ये
ख़ामुशी
है
शामिल
नहीं
होती
जब
हवस
तो
सच्ची
मोहब्बत
सिर
चूमती
है
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Dileep Kumar
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एक
तो
दिल
बहुत
दुखा
मेरा
और
वो
भी
नहीं
हुआ
मेरा
टूटते,
रोते
देख
के
उसको
चेहरा
ही
फीका
पड़
गया
मेरा
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Dileep Kumar
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