saari kahaanii hi ansuni hai | सारी कहानी ही अनसुनी है

  - Dileep Kumar
सारीकहानीहीअनसुनीहै
येज़िंदगीतोबाज़ीगरीहै
मैंयेअचानकसेसोचताहूँ
पत्थरसीबनतूक्यासोचतीहै
येनाम,इज़्ज़त,शोहरतनहींकुछ
मेरीकमाईइकझोपड़ीहै
उसकोकिसीसेतोइश्क़हैपर
येबातवोहँसकेटालतीहै
पहलेपहलहीअच्छीलगीथी
परज़हरसीअबयेख़ामुशीहै
शामिलनहींहोतीजबहवसतो
सच्चीमोहब्बतसिरचूमतीहै
  - Dileep Kumar
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