hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dileep Kumar
tere hone se hi to jhagda tha
tere hone se hi to jhagda tha | तेरे होने से ही तो झगड़ा था
- Dileep Kumar
तेरे
होने
से
ही
तो
झगड़ा
था
वरना
तेरे
बाद
बड़े
ख़ुश
हैं
हम
- Dileep Kumar
Download Sher Image
तू
अपने
घर
में
मुहब्बत
की
जीत
पर
ख़ुश
है
अभी
ठहर
के
मेरा
ख़ानदान
बाक़ी
है
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
33 Likes
इतने
अफ़सुर्दा
नहीं
हैं
हम
कि
कर
लें
ख़ुद-कुशी
और
न
इतने
ख़ुश
कि
सच
में
मरने
की
ख़्वाहिश
न
हो
Charagh Sharma
Send
Download Image
61 Likes
दफ्न
ताबूत
में
कर
तिरी
हर
ख़ुशी
जश्न
कैसे
मनाते
है
मय्यत
पे
भी
ख़ास
तारीख़
थी
इम्तिहाँ
की
मगर
आज
बारात
उसकी
बुला
ली
गई
Read Full
Shilpi
Send
Download Image
1 Like
अश्क
माँ
के
जो
ख़ुशी
से
गिरे
तो
हैं
मोती
और
छलके
जो
ग़मों
से
तो
लहू
हो
जाए
S M Afzal Imam
Send
Download Image
6 Likes
इस
क़दर
हम
ख़ुश
रखेंगे
आपको
ससुराल
में
आपको
महसूस
होगा
जी
रहे
ननिहाल
में
दो
गुलाबों
की
तरह
है
दो
चमेली
की
तरह
फ़र्क़
बस
इतना
तुम्हारे
होंठ
में
और
गाल
में
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
24 Likes
कौन
सी
बात
कहाँ
कैसे
कही
जाती
है
ये
सलीक़ा
हो
तो
हर
बात
सुनी
जाती
है
एक
बिगड़ी
हुई
औलाद
भला
क्या
जाने
कैसे
माँ-बाप
के
होंठों
से
हँसी
जाती
है
Read Full
Waseem Barelvi
Send
Download Image
68 Likes
ख़ुशी
में
भी
ख़ुशी
होती
नहीं
अब
तेरा
ग़म
ही
सतह
पर
तैरता
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
1 Like
इक
और
किताब
ख़त्म
की
फिर
उस
को
फाड़
कर
काग़ज़
का
इक
जहाज़
बनाया
ख़ुशी
हुई
Ameer Imam
Send
Download Image
57 Likes
मुझको
गया
था
छोड़
के
वो
कितने
तैश
में
लेकिन
ख़ुशी
से
रह
न
सका
एक
साल
भी
Ankit Maurya
Send
Download Image
32 Likes
कुछ
इस
अदास
मोहब्बत-शनास
होना
है
ख़ुशी
के
बाब
में
मुझ
को
उदास
होना
है
Rahul Jha
Send
Download Image
34 Likes
Read More
ज़ेहन
में
पिंदार
ही
पिंदार
है
पर
अकेले
चलना
भी
दुश्वार
है
और
कोई
मसअला
भी
अब
नहीं
दरमियाँ
बस
एक
ही
दीवार
है
चाय
क्या
पीते
ख़बर
क्या
पढ़ते
हम
ख़ून
से
लथपथ
जो
ये
अख़बार
है
जीत
से
पहले
अलग
हैं,
बाद
में
नेता
लोगों
के
अलग
किरदार
है
हम
करें
शिकवा
भी
तो
किस
से
करें
जब
हमारे
दोस्त
ही
दो-चार
है
Read Full
Dileep Kumar
Download Image
1 Like
फ़ाइदा
कुछ
भी
न
होना
ख़ामुशी
से
मसअला
हल
होना
हैं
तो
दोस्ती
से
साथ
भी
उसका
निभाना
चाहता
हूँ
भागता
हूँ
दूर
भी
लेकिन
उसी
से
बज़्म
में
रस्मन
बुला
लेते
हैं
वरना
हैं
किसे
मतलब
मिरी
मौजूदगी
से
मसअला
सारा
ख़ुशी
का
है
वगरना
हो
ही
जाता
है
गुज़ारा
दूसरी
से
हश्र
क्या
होगा
न
जाने
इस
जहाँ
का
हैं
परेशाँ
आदमी
ही
आदमी
से
Read Full
Dileep Kumar
Download Image
1 Like
बोती
थी
पहले
नफ़रत
सियासत
मगर
अब
ये
भी
काम
अख़बार
कर
देता
है
Dileep Kumar
Send
Download Image
5 Likes
काश!
तुम
पहले
मुकम्मल
बात
करते
और
फिर
मुझ
सेे
मुसलसल
बात
करते
Dileep Kumar
Send
Download Image
1 Like
वैसे
तो
मुझ
को
नहीं
कोई
कमी
तेरी
लेकिन
याद
आती
रहती
है
Dileep Kumar
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aadat Shayari
Radha Krishna Shayari
Mood off Shayari
Shohrat Shayari
Basant Shayari