yuñ to har ek se hi raabte rakhe | यूँँ तो हर एक से ही राब्ते रक्खे

  - Dileep Kumar
यूँँतोहरएकसेहीराब्तेरक्खे
मगरमुझसेेमिलातोफ़ासलेरक्खे
मुहब्बतजितनीभीथीबसतुझीसेथी
किसीसेफिरकोईसिलसिलेरक्खे
तिरेरहम-ओ-करमसेहीमिलेसबज़ख़्म
मिरेसबज़ख़्मतूनेहीहरेरक्खे
ग़ज़लकेक़ाफ़िएबदले,ग़ज़लबदली
ग़ज़लकेफिरम'आनीभीनएरक्खे
थीउम्मीदउसकेलौटआनेकी
मगरदरवाजेसारेहीखुलेरक्खे
  - Dileep Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy