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"Dharam" Barot
saath hota hi nahin sab ka yahaañ
saath hota hi nahin sab ka yahaañ | साथ होता ही नहीं सब का यहाँ
- "Dharam" Barot
साथ
होता
ही
नहीं
सब
का
यहाँ
हौसला
ही
साथ
होता
था
मेरा
- "Dharam" Barot
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पता
करो
कि
मेरे
साथ
कौन
उतरा
था
ज़मीं
पे
कोई
अकेला
नहीं
उतरता
है
Ahmad Abdullah
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सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
Munawwar Rana
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मैं
अकेला
ही
चला
था
जानिब-ए-मंज़िल
मगर
लोग
साथ
आते
गए
और
कारवाँ
बनता
गया
Majrooh Sultanpuri
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बे-सबब
मुस्कुरा
रहा
है
चाँद
कोई
साज़िश
छुपा
रहा
है
चाँद
Gulzar
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हवा
चली
तो
उसकी
शॉल
मेरी
छत
पे
आ
गिरी
ये
उस
बदन
के
साथ
मेरा
पहला
राब्ता
हुआ
Zia Mazkoor
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दिवाली
भी
दिवाली
अब
नहीं
है
तुम्हारे
साथ
हर
दिन
थी
दिवाली
Tanoj Dadhich
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
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Akhtar Shumar
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धूप
भी
आराम
करती
थी
जहाँ
अपना
ऐसी
छाँव
से
नाता
रहा
Madan Mohan Danish
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मौत
के
साथ
हुई
है
मिरी
शादी
सो
'ज़फ़र'
उम्र
के
आख़िरी
लम्हात
में
दूल्हा
हुआ
मैं
Zafar Iqbal
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किसी
की
चाह
रुक
जाती
है
तन
तक
किसी
को
साथ
उड़ना
है
गगन
तक
की
थी
ख़्वाहिश
सभी
की
जिसने
पूरी
रखी
थी
अपनी
ख़्वाहिश
अपने
मन
तक
कमाने
में
फँसा
हूँ
ऐसे
मैं
यार
अकेली
रूह
जाएगी
वतन
तक
कहा
था
ना
गुमाँ
में
उसने
मुझको
तभी
ये
बात
पहुँची
है
जलन
तक
न
छेड़ो
दर्द
को
मेरे
ज़ियादा
धरम
इस
बात
को
रहने
दो
फ़न
तक
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"Dharam" Barot
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वो
आफ़ताब
बना
था
हाँ
दिन
में
मेरे
लिए
सुकून
देता
था
महताब
बन
के
रात
को
भी
"Dharam" Barot
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लफ्ज़
से
है
चोट
लगती
है
हुनर
रिश्ता
निभाना
"Dharam" Barot
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हर
जान
जब
घनश्याम
सी
लगने
लगे
संसार
सारा
स्वर्ग
ही
लगने
लगे
"Dharam" Barot
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लगा
ये
तजरबा
ज़्यादा
हमारा
ये
भी
इक
वहम
होता
था
हमारा
मिलेगा
सीखने
हर
पल
ही
यारों
रखे
बस
याद
ये
वा'दा
हमारा
मोहब्बत
में
दु'आ
देनी
नहीं
थी
लगा
अच्छा
जुदा
होना
हमारा
फ़क़ीरों
ने
दिए
है
छोड़
ये
काम
सँभालो
शायरों
झोला
हमारा
करेगा
माफ़
माफ़ी
माँगने
से
बड़ा
ही
प्यारा
है
भोला
हमारा
सँभाला
क्यूँ
नहीं
जब
हाथ
में
था
न
आया
काम
अब
रोना
हमारा
बदल
जाते
यहाँ
अच्छे
भले
लोग
नहीं
मिलना
धरम
प्यारा
हमारा
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"Dharam" Barot
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