hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
"Dharam" Barot
tod deta sabhi se rishta vaham
tod deta sabhi se rishta vaham | तोड़ देता सभी से रिश्ता वहम
- "Dharam" Barot
तोड़
देता
सभी
से
रिश्ता
वहम
पाल
मैंने
रखा
अहम
का
वहम
कुछ
नहीं
पास
ये
किसी
का
वहम
पास
सबकुछ
है
ये
भी
इक
था
वहम
टूट
कर
मरना
अच्छा
होगा
क्या
अच्छा
है
वो
मेरा
ही
ऐसा
वहम
ख़ुद-कुशी
रास्ता
नहीं
कभी
भी
ज़िंदगी
जीना
कौन
सा
था
वहम
भावना
में
गए
थे
बह
सारे
सबको
माना
सही
धरम
का
वहम
- "Dharam" Barot
Download Ghazal Image
इतना
धीरे-धीरे
रिश्ता
ख़त्म
हुआ
बहुत
दिनों
तक
लगा
नहीं
हम
बिछड़े
हैं
Ajmal Siddiqui
Send
Download Image
49 Likes
प्यार
का
रिश्ता
ऐसा
रिश्ता
शबनम
भी
चिंगारी
भी
यानी
उन
सेे
रोज़
ही
झगड़ा
और
उन्हीं
से
यारी
भी
Ateeq Allahabadi
Send
Download Image
100 Likes
क्या
जाने
किस
ख़ता
की
सज़ा
दी
गई
हमें
रिश्ता
हमारा
दार
पे
लटका
दिया
गया
शादी
में
सब
पसंद
का
लाया
गया
मगर
अपनी
पसंद
का
उसे
दूल्हा
नहीं
मिला
Read Full
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
30 Likes
उसने
हँसते
हुए
तोड़ा
था
हमारा
रिश्ता
हम
सभी
को
ये
बताते
हुए
रो
देते
हैं
Zubair Alam
Send
Download Image
43 Likes
अजीब
दर्द
का
रिश्ता
था
सब
के
सब
रोए
शजर
गिरा
तो
परिंदे
तमाम
शब
रोए
Tariq Naeem
Send
Download Image
20 Likes
निभाया
जिस
सेे
भी
रिश्ता
तो
फिर
हद
में
रहे
हैं
हम
किसी
के
मखमली
तकिए
के
ऊपर
सर
नहीं
रक्खा
Nirbhay Nishchhal
Send
Download Image
8 Likes
जीत
भी
लूँ
गर
लड़ाई
तुम
से
मैं
तो
क्या
मिलेगा
हाथ
में
दोनों
के
बस
इक
टूटा
सा
रिश्ता
मिलेगा
कर
के
लाखों
कोशिशें
गर
जो
बचा
भी
लूँ
मैं
रिश्ता
तो
नहीं
फिर
मन
हमारा
पहले
के
जैसा
मिलेगा
Read Full
Ankit Maurya
Send
Download Image
37 Likes
उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वगैरा
करती
है
बारिश
मेरे
रब
की
ऐसी
नेमत
है
रोने
में
आसानी
पैदा
करती
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
281 Likes
नया
इक
रिश्ता
पैदा
क्यूँँ
करें
हम
?
बिछड़ना
है
तो
झगड़ा
क्यूँँ
करें
हम?
Jaun Elia
Send
Download Image
63 Likes
सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
Munawwar Rana
Send
Download Image
42 Likes
Read More
घर
छोड़ना
अच्छा
किसे
लगता
है
यार
परदेस
में
सालों
कहा
रहना
है
यार
फिर
याद
में
निकले
कई
यूँँ
साल
थे
अब
इस
क़दर
ही
सालों
तक
जीना
है
यार
Read Full
"Dharam" Barot
Send
Download Image
3 Likes
नहीं
मुमकिन
वही
मुमकिन
करो
तुम
अभी
है
रात
इसको
दिन
करो
तुम
रखो
तुम
ख़्वाहिशों
को
दूर
अपनी
सभी
की
ख़्वाहिशें
मुमकिन
करो
तुम
सुनो
तुम
बातें
बारीकी
से
सबकी
हाँ
ख़ुद
की
मर्ज़ी
से
लेकिन
करो
तुम
सलीके
से
पुरानी
यादों
को
इक
नए
काग़ज़
में
फिर
से
पिन
करो
तुम
किसी
की
भी
मदद
करना
है
अच्छा
किसी
को
भी
बताए
बिन
करो
तुम
Read Full
"Dharam" Barot
Download Image
1 Like
लड़के
चुगली
कर
रहे
थे
दोस्त
थी
वो
उसने
रिश्ता
भी
निभाया
लड़की
होकर
"Dharam" Barot
Send
Download Image
3 Likes
वो
छोटी
उम्र
में
आँसू
छुपाता
था
मरा
था
बाप
बचपन
में
कमाता
था
सभी
को
याद
कर
लेना
बुरा
हो
वक़्त
रखें
दिल
में
उसे
जो
काम
आता
था
छुपाकर
दर्द
सारा
शख़्स
इक
देखो
बड़े
ही
प्यार
से
सबको
हँसाता
था
तरीक़ा
जानती
थी
वो
मनाने
का
सताने
का
सलीक़ा
मुझको
भाता
था
कोई
भी
रिश्ते
में
बंधे
न
थे
फिर
भी
न
जाने
कौन
सा
दोनों
का
नाता
था
रखा
था
भार
मैं
का
उम्र
भर
तक
साथ
धरम
वो
शख़्स
भी
कंधे
पे
जाता
था
Read Full
"Dharam" Barot
Download Image
1 Like
कुरेदे
ज़ख़्म
धीरे
धीरे
से
ऐसे
बनेगा
टैटू
तेरे
नाम
का
जैसे
"Dharam" Barot
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Musafir Shayari
Sukoon Shayari
Gham Shayari
Chaaragar Shayari
Mehndi Shayari