musalsal khwaab ko aane se roka ja raha hai | मुसलसल ख़्वाब को आने से रोका जा रहा है

  - "Dharam" Barot
मुसलसलख़्वाबकोआनेसेरोकाजारहाहै
मुझेउसशख़्सकोपानेसेरोकाजारहाहै
बढ़ाहैदेशआगेजानतेहैहमसभीपर
अभीभीभूखेकोदानेसेरोकाजारहाहै
नहींउस्तादछोटाएकबच्चाहीतोहैवो
अधूरेसुरमेंक्यूँगानेसेरोकाजारहाहै
बढ़ाकरशख़्सकीग़लतीयूँँफैलाईगईथी
कीअबउसशख़्सकोतानेसेरोकाजारहाहै
धरमभरजाएजीजिसकानहींरुकनाहैफिरभी
उसेदिलतोड़करजानेसेरोकाजारहाहै
  - "Dharam" Barot
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