jeet par sabki khushi badhta hua sa pyaar tha main | जीत पर सबकी ख़ुशी बढ़ता हुआ सा प्यार था मैं

  - "Dharam" Barot
जीतपरसबकीख़ुशीबढ़ताहुआसाप्यारथामैं
वक़्तनेपलटातराज़ूसाथग़मकेहारथामैं
अनकहीसीहरकहानीकाछुपाकिरदारथामैं
सामनेआऊँआऊँदोस्तोंदिलदारथामैं
आपभीकरलेनाख़ुदहीख़ुदकीहीतारीफ़ऐसे
गरसुनीऔरोंकीफिरऐसालगेगाभारथामैं
काममुझसेेक्याहीहोताइश्क़करकेउनदिनोंमें
कुछदिनोंतकलगताथामुझकोकिबसइतवारथामैं
बोलनेसेलिखनेतकपढ़लिखहुआइंसानडिजिटल
हरनएयुगमेंअधूराआधुनिकसंसारथामैं
  - "Dharam" Barot
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