banuunga raam aisi aas men main jee raha hooñ | बनूँगा राम ऐसी आस में मैं जी रहा हूँ

  - "Dharam" Barot
बनूँगारामऐसीआसमेंमैंजीरहाहूँ
तभीघरछोड़करवनवासमेंमैंजीरहाहूँ
हैइतनीबंदगीसोआसमेंमैंजीरहाहूँ
मिलेगातूकभीविश्वासमेंमैंजीरहाहूँ
सभीकेसाथरहकरनाममेंमैंलीनतेरे
यहीसचहैतेरेसंन्यासमेंमैंजीरहाहूँ
किसीनेपूछातेरेबारेतोसुन्नहोगयाथा
अलावातेरेकिसएहसासमेंमैंजीरहाहूँ
बतायादोस्तोंनेतूबड़ीगुमसुमलगीथी
अभीभीयानीतेरेपासमेंमैंजीरहाहूँ
  - "Dharam" Barot
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