dil ke zaKHmon ki nishaani aur hai | दिल के ज़ख़्मों की निशानी और है

  - Dharamraj deshraj
दिलकेज़ख़्मोंकीनिशानीऔरहै
ख़ूनसाआँखोंमेंपानीऔरहै
जानदेतेथेफ़क़तइकबातपर
वोजवानीयेजवानीऔरहै
करलियावा'दातोफिरसोचानहीं
बातमेरीख़ानदानीऔरहै
फ़ैसलेउसकेसदाहोतेसही
मेरेरबकीहुक्मरानीऔरहै
भूख,दौलतयाकेशौहरतकीनहीं
शे'रकामेरेमआनीऔरहै
प्यारहैलालो-गुहरसआपको
हाँमगरमेरीकहानीऔरहै
दिखरहाजैसानहींवैसा'धरम'
इसहक़ीक़तमेंकहानीऔरहै
  - Dharamraj deshraj
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