ashq gham men mire bahaaya to | अश्क़ ग़म में मिरे बहाएा तो

  - Dharamraj deshraj
अश्क़ग़ममेंमिरेबहाएातो
रोपड़ेंगेजोआज़मायातो
चाहेजैसीभीतुमक़समलेलो
वक़्तगुज़राभीयादआयातो
सोचतेहैंख़फ़ारहेंगेपर
मानजाऍंगेगरमनायातो
हमसेेबोसेकीइल्तिज़ाकरके
उनकोअपनाख़यालआयातो
अबबुरामानजाऍंगेयारो
ख़ूॅंमेरीआँखोंसेचुरायातो
रबयक़ीननबहुतख़फ़ाहोगा
हमनेमज़लूमकोसतायातो
नामउनकाधरमनहींलूँगा
आँसुओंसेअगरनहाएातो
  - Dharamraj deshraj
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