ye subh-subh jo teraa khyaal aaya hai | ये सुब्ह-सुब्ह जो तेरा ख़याल आया है

  - Deep kamal panecha
येसुब्ह-सुब्हजोतेराख़यालआयाहै
अरेहुजूरबड़ाहीकमालआयाहै
मैंक्याहूँसचमेंभीउनकायाकोशिशेंहैंबस
वहाँसेउनकीतरफ़सेसवालआयाहै
निगाहेदेखनेसेक़हक़हेलगातीहै
ख़ुदाकेघरसेहुस्नकाजमालआयाहै
मैंतीरज़हर-बुझेसेबचूँभीतोकैसे
नज़रसेतीरतिरीबे-मिशालआयाहै
मैंइतनाटूटामुहब्बतमेंइतनाबिखराहूँ
मगरयेइश्क़काफिरक्यूँँख़यालआयाहै
  - Deep kamal panecha
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