koi na jaane dhyaan uskaa bazm men kis or hai | कोई न जाने ध्यान उसका बज़्म में किस ओर है

  - Deep kamal panecha
कोईजानेध्यानउसकाबज़्ममेंकिसओरहै
कोशिशमगरमेरीतरफ़करनेकीतोपुर-ज़ोरहै
कहनाहैउसकाआपसेमुझकोकोईमतलबनहीं
तोफिरनज़रमेरीतरफ़करनेकीयेक्याडोरहै
येदौलतेंशोहरतेंईमानसकतीहैडुला
लेकिनउसीकाजोज़मीर-ओ-ज़ेहनसेकमज़ोरहै
दिलकोजमानेसेतिजोरीमेंछुपाकेथारखा
फिरभीचुराकेलेगयावोकितनाआलाचोरहै
वोदूररहतामुझसेहरदमपासरहनेकेलिए
वोपासरहताहैकिज्यूँँसागरकादूजाछोरहै
इककागलापकड़ाथामैंनेमहज़तेरेज़िक्रपे
अबकहतेहैंसबउसका'आशिक़पूराआदमख़ोरहै
हमगैरहैंकहतेफ़िरोतुमचाहेंपूरीदुनियामें
परदुनियाकायेशोरहैतू"दीप"कीगणगौरहै
कितनीदफ़ातुझकोबताऊँ,ख़ुदसमझजायारअब
तूजैसेमैंख़ुदऔरतूहीकाळजेरीकोरहै
  - Deep kamal panecha
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy