tu mujh se uth ke bhi sirf mujh talak jaa.e | तू मुझ से उठ के भी सिर्फ़ मुझ तलक जाए

  - Deep kamal panecha
तूमुझसेउठकेभीसिर्फ़मुझतलकजाए
इस
मेंतूकहींदुनियामेंभटकजाए
मैंतेरेहुक्मसेइकदु'आयेलूँक्यामाँग
तेरीख़ुशीमिरीबाहोंमेंअटकजाए
मैंजबमरूँतोमेरेगलेलगतेतुम
धड़कनकहींयेमेरीफिरधड़कजाए
मैंउम्रभरफिरूँढूँढताख़ुशीमेरी
मेरीख़ुशीतिरीज़ुल्फ़ोंमेंभटकजाए
बरसातामैंहीबसकबतलकरहूँगाप्यार
दोबूँदतेरीआँखेंसेभीझलकजाए
वोमेरीमूँछकाकाशरखलेथोड़ामान
उसलड़केसेजरादूरउठसरकजाए
बैठारहूँगाअपनाकलेजाथा
मेंमैं
वोगीलीज़ुल्फ़ेंगरचेहरेपरझटकजाए
जानाँनिकाललोमेरीजाँइजाज़तहै
लेकिनकभीमिरेइश्क़पेशकजाए
इसबारथोड़ासाभीबहकजानातुम
तुमकोसँभालते"दीप"येथकजाए
  - Deep kamal panecha
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