सुख़नवरसौजतनकरकेलबओरुख़सारतकपहुँचे
कहाँहिम्मतकिसीमेंजोतिरेमेयारतकपहुँचे
ग़ज़लक्याचाहतीहैऔरफ़नकेक्यातक़ाज़ेहैं
जिन्हेंयेफ़िक्रलाहक़थीवहीअफ़्कारतकपहुँचे
मैंवैसेतोबहुतख़ुद्दारहूँलेकिनयेख़्वाहिशहै
किमेरेग़मकाहरक़िस्सामिरेदिलदारतकपहुँचे
सुनाहैइश्क़मेंमंज़िलफ़नाहोकरहीमिलतीहै
सोहमतेरीहीचाहतमेंसलीब-ओ-दारतकपहुँचे
हमेंथाइश्क़ख़ालिक़सेउन्हेंथाइश्क़'आशिक़से
वोअपनेयारतकपहुँचेहमअपनेयारतकपहुँचे
मुहब्बतकैसारिश्ताहैसमझमेंयेनहींआता
नदिलइंकारतकपहुँचेनदिलइक़रारतकपहुँचे
सफ़रमेंहमसेफ़रकासाथपायातोलगाऐसा
झुलसतीधूपमेंहमसाया-ए-दीवारतकपहुँचे
येहलमिनकीसदाहैऔरनुसरतकातक़ाज़ाहै
ज़रूरीहैकिअपनाहाथअबतलवारतकपहुँचे
उठाहैएकतूफ़ाँआजफिरदरियाएहस्तीमें
सफ़ीनाकैसेअबइसपारसेउसपारतकपहुँचे
क़लंदरफ़ैज़पातेथेहमेशाफ़ाक़ा-मस्तीसे
जोदुनियादारथेवोदिरहम-ओ-दिनारतकपहुँचे