zamaana tha vahii achha hamaara bhi tumhaara bhi | ज़माना था वही अच्छा हमारा भी तुम्हारा भी

  - Dard Faiz Khan
ज़मानाथावहीअच्छाहमाराभीतुम्हाराभी
किजिसमेंएकथारस्ताहमाराभीतुम्हाराभी
कसाफ़तहिज्रकीचेहरोंसेज़ाहिरक्यूँहोजाए
किजबहैहालइकजैसाहमाराभीतुम्हाराभी
बुज़ुर्गोंनेकहाथाजोवहीदरपेशपहुँचा
मुहब्बतकीतोदिलटूटाहमाराभीतुम्हाराभी
यहीकहतेहुएहमतुमजुदाहोजाएँगेइकदिन
कभीतोफिरमिलनहोगाहमाराभीतुम्हाराभी
तुम्हारेइश्क़मेंहमभीपरिंदाबनकेरहलेंगे
अगरहोएकहीपिंजराहमाराभीतुम्हाराभी
ज़मानेकेझमेलोंमेंअगरहमतुमउलझजाते
बहुतनुक़सानहोजाताहमाराभीतुम्हाराभी
वफ़ाकीसेजपरइकसाथफिरसोएँगेहमदोनों
अगरपूराहुआसपनाहमाराभीतुम्हाराभी
बुलंदअपनाकरोमें'यारतोयारमुमकिनहै
रहेगाबज़्ममेंजलवाहमाराभीतुम्हाराभी
जुदावो'फ़ैज़'हमसेहोगएख़ुदजोयेकहतेथे
बहुतमज़बूतहैरिश्ताहमाराभीतुम्हाराभी
  - Dard Faiz Khan
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