raha hooñ zindagi bhar ek dhoke men | रहा हूँ ज़िंदगी भर एक धोखे में

  - Daksh Sharma
रहाहूँज़िंदगीभरएकधोखेमें
मिलेगाकोईतोमहबूबसजदेमें
मेरीआँखोंमेंख़ुदकोदेखोफिरसोचो
हसींकोईहैतुमसेाइसज़मानेमें
मेरेझोलेमेंहैंदुखग़मउदासीसब
बताओक्यादिखाऊँमैंतमाशेमें
बयाँकरहीनहींसकताख़ुशीअपनी
परीजोनिकलीहैमेरेख़ज़ानेमें
किसीदिलसेउतरताजारहाहूँमैं
किसीकेहुस्नकेनंबरबढ़ानेमें
ख़बरक्याहोनीहैतुमकोख़सारेकी
मेराक्याक्यालगातुमकोबनानेमें
  - Daksh Sharma
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