hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Chetan
ye tamasha hai aur kuchh bhi nain
ye tamasha hai aur kuchh bhi nain | ये तमाशा है और कुछ भी नइँ
- Chetan
ये
तमाशा
है
और
कुछ
भी
नइँ
जीने
मरने
का
तौर
कुछ
भी
नइँ
जो
भी
बोया
है
क्या
बरत
लेगा
ये
मुनाफ़ा
अगौर
कुछ
भी
नइँ
वक़्त
पर
हिज्र
मिल
गया
वरना
था
मोहब्बत
का
दौर
कुछ
भी
नइँ
पहले
मायूस
तो
हो
जाती
थी
अब
निगाहों
पे
जौर
कुछ
भी
नइँ
उनकी
सुनते
रहो
जो
कहते
हैं
अब
सुनाने
को
और
कुछ
भी
नइँ
- Chetan
Download Ghazal Image
इश्क़
क़ैस
फ़रहाद
रोमियो
जैसे
ही
कर
सकते
हैं
हम
तो
ठहरे
दस
से
छह
तक
ऑफ़िस
जाने
वाले
लोग
Vashu Pandey
Send
Download Image
29 Likes
इश्क़
के
रंग
में
ऐ
मेरे
यार
रंग
आया
फिर
आज
रंगों
का
तेहवार
रंग
हो
गुलाबी
या
हो
लाल
पीला
हरा
आ
लगा
दूँ
तुझे
भी
मैं
दो
चार
रंग
Read Full
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
33 Likes
इसी
फ़कीर
की
गफ़लत
से
आगही
ली
है
मेरे
चराग़
से
सूरज
ने
रौशनी
ली
है
गली-गली
में
भटकता
है
शोर
करता
हुआ
हमारे
इश्क़
ने
सस्ती
शराब
पी
ली
है
Read Full
Ammar Iqbal
Send
Download Image
36 Likes
इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
25 Likes
किसी
भी
शख़्स
के
झूठे
दिलासे
में
नहीं
आती
कहानी
हो
अगर
लंबी
तराशे
में
नहीं
आती
जहाँ
में
अब
कहाँ
कोई
जो
मजनूँ
की
तरह
चाहे
मोहब्बत
इसलिए
भी
अब
तमाशे
में
नहीं
आती
Read Full
Ansar Ethvi
Send
Download Image
4 Likes
किसे
है
वक़्त
मोहब्बत
में
दर-ब-दर
भटके
मैं
उसके
शहर
गया
था
किसी
ज़रूरत
से
Riyaz Tariq
Send
Download Image
32 Likes
भुला
पाना
बहुत
मुश्किल
है
सब
कुछ
याद
रहता
है
मोहब्बत
करने
वाला
इस
लिए
बर्बाद
रहता
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
50 Likes
यानी
अब
उसकी
मुहब्बत
का
हलफ़
माँगूँ
मैं
यानी
अब
सुर्ख़
लबों
पे
मैं
सियाही
फेंकूँ
anupam shah
Send
Download Image
2 Likes
दूजा
इश्क़
किया
तो
ये
मालूम
हुआ
पहले
वाले
में
भी
ग़लती
मेरी
थी
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
20 Likes
चलो
करके
देखेंगे
इज़हार
अब
की
मुहब्बत
न
होगी
अदावत
तो
होगी
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
Read More
सब
सेे
मिलते
हैं
बिछड़ने
के
लिए
कुछ
तो
हासिल
हो
ख़सारे
के
लिए
चीर
कर
मुझको
पढ़ा
सबने
तुझे
यानी
तू
ख़त
है
लिफ़ाफ़े
के
लिए
इतना
बदला
क्यूँ
इसे
गर
जाना
था
मेरा
घर
नइँ
था
किराए
के
लिए
अपने
पिंजरे
को
खुला
रखना
कि
ये
घर
ज़रूरी
था
परिंदे
के
लिए
तुझपे
जाती
है
नज़र
अब
भी
वो
ही
क़ैद
मैं
हूँ
जिस
तक़ाज़े
के
लिए
Read Full
Chetan
Download Image
2 Likes
गर
सितारा
क़रीब
होता
तो
जान
लेते
कि
कबसे
टूटा
है
Chetan
Send
Download Image
1 Like
जिसका
हम
इंतज़ार
करते
हैं
गर
वो
सदमा
न
जान
ले
तो
क्या
Chetan
Send
Download Image
1 Like
इक
गुमाँ
से
उलझ
रहा
था
मैं
तुझको
नादाँ
समझ
रहा
था
मैं
Chetan
Send
Download Image
1 Like
तख़ल्लुस
में
जो
तेरा
नाम
मिलता
तो
हर
अध्याय
को
अंजाम
मिलता
अगर
तहक़ीक़
का
अंजाम
ये
है
तो
बेहतर
था
मुझे
ईहाम
मिलता
मुझे
ख़ुशियों
की
जो
उम्मीद
होती
तो
मैं
ग़म
में
ज़रा
नाकाम
मिलता
Read Full
Chetan
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Gulaab Shayari
Ujaala Shayari
Bekhabri Shayari
Aangan Shayari
Intiqam Shayari