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Armaan khan
gaav men chhod ke aaya tha mohabbat apni
gaav men chhod ke aaya tha mohabbat apni | गाँव में छोड़ के आया था मोहब्बत अपनी
- Armaan khan
गाँव
में
छोड़
के
आया
था
मोहब्बत
अपनी
शहर
में
जिस्म
था
और
गाँव
में
अटका
दिल
था
उसकी
शादी
बड़े
लोगों
में
लगी
और
मैं
गरीब
शहरस
भाग
के
जाता
भी
तो
क्या
हासिल
था
- Armaan khan
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कोई
समझे
तो
एक
बात
कहूँ
इश्क़
तौफ़ीक़
है
गुनाह
नहीं
Firaq Gorakhpuri
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वो
आदमी
नहीं
है
मुकम्मल
बयान
है
माथे
पे
उस
के
चोट
का
गहरा
निशान
है
वो
कर
रहे
हैं
इश्क़
पे
संजीदा
गुफ़्तुगू
मैं
क्या
बताऊँ
मेरा
कहीं
और
ध्यान
है
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Dushyant Kumar
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शायद
मुझे
किसी
से
मोहब्बत
नहीं
हुई
लेकिन
यक़ीन
सब
को
दिलाता
रहा
हूँ
मैं
Jaun Elia
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फ़ुर्सत
नहीं
मुझे
कि
करूँँ
इश्क़
फिर
से
अब
माज़ी
की
चोटों
से
अभी
उभरा
नहीं
हूँ
मैं
डर
है
कहीं
ये
ऐब
उसे
रुस्वा
कर
न
दे
सो
ग़म
में
भी
शराब
को
छूता
नहीं
हूँ
मैं
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Harsh saxena
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मोहब्बत
का
सुबूत
अब
और
क्या
दें
तुम्हारी
माँ
को
माँ
कहने
लगे
हैं
Shadab Asghar
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मोहब्बत
में
नहीं
है
फ़र्क़
जीने
और
मरने
का
उसी
को
देख
कर
जीते
हैं
जिस
काफ़िर
पे
दम
निकले
Mirza Ghalib
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मैं
तेरे
साथ
सितारों
से
गुज़र
सकता
हूँ
कितना
आसान
मोहब्बत
का
सफ़र
लगता
है
Bashir Badr
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उन
आँखों
का
मुझ
से
कोई
वा'दा
तो
नहीं
है
थोड़ी
सी
मोहब्बत
है
ज़ियादा
तो
नहीं
है
Firasat rizvi
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कितना
अजीब
है
ये
मोहब्बत
का
खेल
भी
हम
हार
कर
भी
इस
में
कई
रोज़
ख़ुश
रहे
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Khalid Azad
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ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
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सोचा
नहीं
कि
क्यूँ
मुझे
नाकामियाँ
मिलीं
जब
अपने
ही
वजूद
में
सौ
ख़ामियाँ
मिलीं
तन्हाइयों
से
तंग
था
मैं
पिछले
कुछ
दिनों
फिर
एक
दिन
मुझे
मेरी
परछाइयाँ
मिलीं
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Armaan khan
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तेरी
क़िस्मत
कहाँ-कहाँ,
और
मैं
एक
वीरान
सा
मकाँ
और
मैं
दूर
तक
आ
रहा
नज़र
कुछ
तो
एक
सिगरेट
का
धुआँ
और
मैं
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Armaan khan
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मौत
का
इंतिज़ार
किसको
है?
नींद
का
है,
मगर
नहीं
आती
Armaan khan
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यार
कश्ती
है
बहुत
दूर,
किनारा
है
कोई
डूबने
वाले
को
तिनके
का
सहारा
है
कोई
अजनबियत
के
मकड़जाल
में
उलझे
हुए
हम
ख़ुदस
ही
पूछ
रहे
हैं
कि
तुम्हारा
है
कोई
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Armaan khan
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यार
सिगरेट
जलाओ
के
बहुत
दर्द
है
आज
सर्द
सी
रात
है
बारिश
है
हवा
चल
रही
है
कोई
पूछे
कि
ये
सब
क्या
है
तो
कह
देना
उसे
बच
तो
निकले
हैं
मोहब्बत
से
दवा
चल
रही
है
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Armaan khan
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