hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mohd Arham
ye meraa gham bhi to kuchh kam nahin hai
ye meraa gham bhi to kuchh kam nahin hai | ये मेरा ग़म भी तो कुछ कम नहीं है
- Mohd Arham
ये
मेरा
ग़म
भी
तो
कुछ
कम
नहीं
है
कि
हम
दोनों
बिछड़
के
हम
नहीं
है
मैं
वो
था
जो
बिछड़
के
मर
गया
था
तू
वो
है
जिसको
कोई
ग़म
नहीं
है
करूँँ
मैं
क्या
गिला
उस
बे-वफ़ा
से
बिछड़
के
आँख
जिसकी
नम
नहीं
है
पुकारो
मत
मुझे
उस
नाम
से
अब
जो
बिछड़े
यार
वो
हमदम
नहीं
है
मेरा
दिल
भी
कहीं
अब
लग
चुका
है
तेरे
दिल
में
भी
अब
'अरहम'
नहीं
है
- Mohd Arham
Download Ghazal Image
ज़िन्दगी
से
यही
गिला
है
मुझे
तू
बहुत
देर
से
मिला
है
मुझे
Ahmad Faraz
Send
Download Image
40 Likes
गिला
भी
तुझ
से
बहुत
है
मगर
मोहब्बत
भी
वो
बात
अपनी
जगह
है
ये
बात
अपनी
जगह
Basir Sultan Kazmi
Send
Download Image
64 Likes
तमाम
शहर
को
तारीकियों
से
शिकवा
है
मगर
चराग़
की
बैअत
से
ख़ौफ़
आता
है
Aziz Nabeel
Send
Download Image
18 Likes
है
आज
ये
गिला
कि
अकेला
है
'शहरयार'
तरसोगे
कल
हुजूम
में
तन्हाई
के
लिए
Shahryar
Send
Download Image
22 Likes
बैठ
कर
बात
की
और
जुदा
हो
गए
कोई
शिकवा
नहीं
कोई
झगड़ा
नहीं
Shariq Kaifi
Send
Download Image
31 Likes
इन
चराग़ों
में
तेल
ही
कम
था
क्यूँँ
गिला
फिर
हमें
हवा
से
रहे
Javed Akhtar
Send
Download Image
30 Likes
फिर
वही
रोना
मुहब्बत
में
गिला
शिकवा
जहाँ
से
रस्म
है
बस
इसलिए
भी
तुम
को
साल-ए-नौ
मुबारक
Neeraj Neer
Send
Download Image
17 Likes
बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
Read Full
Chandan Sharma
Send
Download Image
2 Likes
कैसे
कहें
कि
तुझ
को
भी
हम
से
है
वास्ता
कोई
तू
ने
तो
हम
से
आज
तक
कोई
गिला
नहीं
किया
Jaun Elia
Send
Download Image
63 Likes
ग़म-ए-फ़ुर्क़त
का
शिकवा
करने
वाली
मेरी
मौजूदगी
में
सो
रही
है
Jaun Elia
Send
Download Image
125 Likes
Read More
हमें
तुम
सेे
मोहब्बत
हो
गई
है
बड़ी
नाज़ुक
तबीअत
हो
गई
है
नहीं
लगता
कहीं
भी
दिल
हमारा
न
जाने
कैसी
हालत
हो
गई
है
लबों
ने
छू
लिया
है
फिर
लबों
को
लबों
से
फिर
शरारत
हो
गई
है
गले
जब
से
लगाया
हमने
तुमको
ग़मए-दुनिया
से
फ़ुर्सत
हो
गई
है
वफ़ा
से
सबका
दिल
अब
उठ
रहा
है
वफ़ा
मानो
सियासत
हो
गई
है
बड़े
ख़ामोश
से
रहते
हो
अरहम
तुम्हें
ये
किसकी
आदत
हो
गई
है
Read Full
Mohd Arham
Download Image
4 Likes
ज़िन्दगी
थी
मेरी
भी
आँखों
में
जब
तलक
इक
परी
थी
आँखों
में
इसलिए
भी
ख़ुदा
के
पास
रहा
इक
नमाज़न
बसी
थी
आँखों
में
जिसकी
आँखों
में
लाख
चेहरे
हैं
उसका
चेहरा
है
मेरी
आँखों
में
दर्द
सारे
उभरते
जाते
हैं
जाने
सीलन
है
कैसी
आँखों
में
उसके
तोहफ़े
नहीं
किए
ज़ाया'
अश्क
अब
भी
हैं
मेरी
आँखों
में
हाए
'अरहम'
ये
आपका
दुख
भी
रह
न
जाए
किसी
की
आँखों
में
Read Full
Mohd Arham
Download Image
1 Like
मोहब्बत
में
वो
इक
हारा
हुआ
लड़का
जो
उस
सेे
हाल
पूछो
रोने
लगता
है
Mohd Arham
Send
Download Image
1 Like
भुला
के
फ़िक्र
हम
महशर
की
'अरहम'
यहाँ
बस
दुनिया
दुनिया
कर
रहे
हैं
Mohd Arham
Send
Download Image
1 Like
मोहब्बत
की
कहानी
झूठी
है
यारों
किसी
की
याद
में
कोई
नहीं
मरता
Mohd Arham
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Judai Shayari
Sabr Shayari
Taareef Shayari
Jeet Shayari
Falak Shayari