ग़म-ए-हिज्राँकोरुस्वाकररहेहैं
हमइकदुखऔरपैदाकररहेहैं
वोमेरानामसाहिलसेमिटाकर
अलगदरियासेकतराकररहेहैं
दिखाताथातमाशाइकमदारी
सोअबबच्चेतमाशाकररहेहैं
ख़ुदाजानेकीउनकाक्याबनेगा
जोदरियासेकिनाराकररहेहैं
सुलगतीरेतरहरहकहरहीहै
येबादलक्यूँतमाशाकररहेहैं
भुलाकेफ़िक्रहममहशरकी'अरहम'
यहाँबसदुनियादुनियाकररहेहैं