apne gham ka na zariya ban | अपने ग़म का न ज़रिया बनाना मुझे

  - Anas Khan
अपनेग़मकाज़रियाबनानामुझे
दूरहोतेहीतुमभूलजानामुझे
मैंनेचाहाथातुझकोख़ुदाकीतरह
तूभीपत्थरसाबनकेदिखानामुझे
क्यूँँमैंआऊँमुअज़्ज़िनकीआवाज़पर
घरतेराहीतोतूहीबुलानामुझे
ज़िंदगीसेतोउम्मीदहैहीनहीं
मौतकेहाथमेंहैबचानामुझे
भूलजाऊँमैंख़ुदकोहीपूरीतरह
यारइतनाभीमतयादआनामुझे
कौनकहताहैउल्फ़तमेंनुक़सानहै
मिलगयाहैग़मोंकाख़ज़ानामुझे
आपनेक्यूँँयेज़हमतउठाईभला
कामतक़दीरकाहैरुलानामुझे
लाखमुश्किलसफ़रहोमगरअब'अनस'
उसकीयादोंसेहैदूरजानामुझे
  - Anas Khan
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