us ke hisse men gham hi likkha hai | उस के हिस्से में ग़म ही लिक्खा है

  - Anant Shahrag
उसकेहिस्सेमेंग़महीलिक्खाहै
ख़ुशियाँसबकोजोबाँटाकरताहै
हैकिसीऔरकीइ'बादतवो
रबजिसेदिलमेरायेकहताहै
औरदुनियारहेभीजैसे,मुझे
ख़ुदकोबसख़ुश-मिज़ाजरखनाहै
जोमुझेचाहतीहैमीरासी
हिज्रकाविषउसेभीपीनाहै
उसकोमालूमहीनहींशायद
कृष्णकाप्यारसिर्फ़राधाहै
दिलभलाटूटकरक्यूँबिखरे
जबमिराप्यारइकतमाशाहै
रेगज़ारोंमेंरहनेवालामैं
मुझकोइकफूलकीतमन्नाहै
शे'रआएसमझउसेशायद
मेरीग़ज़लोंमेंइस्तिआराहै
उजड़ेदिनहैख़िज़ाके'शहरग'फिर
बाग़मेंभौंराक्यूँभटकताहै
  - Anant Shahrag
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