hawa ko khareed'ne ke laale pade hain | हवा को ख़रीद'ने के लाले पडे हैं

  - Amol
हवाकोख़रीद'नेकेलालेपडेहैं
हमारेकयामतसेपालेपड़ेहैं
हैंखायीवतननेबहुतठोकरेंभी
मगरइसदफापामेंछालेपड़ेहैं
अचानकलगीआगशमशानमेंक्या
किइतनेंशहरमेंउजालेपड़ेहैं
निभातेनहींतुमरँलीओंकेवादे
तुम्हारीजबानोंपेंतालेपड़ेहैं
हुआहैंबड़ाअर्सादोस्तोंसेमिलके
हैंख़ालीखनकतेजोप्यालेपड़ेहैं
सबबऔरफिरक्याजुदाईकापूछूँ
किकानोंसेझुमकेनिकालेपडेहैं
  - Amol
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