hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Alankrat Srivastava
ye zameen ki kasak hai ki usne sanam
ye zameen ki kasak hai ki usne sanam | ये ज़मीं की कसक है कि उसने सनम
- Alankrat Srivastava
ये
ज़मीं
की
कसक
है
कि
उसने
सनम
बन
के
पर्वत
है
बादल
को
चूमा
हुआ
- Alankrat Srivastava
Download Sher Image
भोले
बन
कर
हाल
न
पूछ
बहते
हैं
अश्क
तो
बहने
दो
जिस
से
बढ़े
बेचैनी
दिल
की
ऐसी
तसल्ली
रहने
दो
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
31 Likes
अब
शहर
की
थकावट
बेचैन
कर
रही
है
अब
शाम
हो
गई
है
चल
माँ
से
बात
कर
लें
Akash Rajpoot
Send
Download Image
14 Likes
किसी
की
तपिश
में
ख़ुशी
है
किसी
की
किसी
की
ख़लिश
में
मज़ा
है
किसी
का
Unknown
Send
Download Image
53 Likes
मेरी
बेचैनी
का
आलम
मेरी
बेचैनी
से
पूछो
मेरे
चहरे
से
पूछोगे
कहेगा
ठीक
है
सब
कुछ
Aqib khan
Send
Download Image
11 Likes
बेचैन
फिरता
हूँ
मैं
अक्सर
ख़्वाब
में
होती
नहीं
आबाद
मेरी
नींद
भी
Piyush Mishra 'Aab'
Send
Download Image
2 Likes
कोई
मेरे
दिल
से
पूछे
तिरे
तीर-ए-नीम-कश
को
ये
ख़लिश
कहाँ
से
होती
जो
जिगर
के
पार
होता
Mirza Ghalib
Send
Download Image
27 Likes
रात
बेचैन
सी
सर्दी
में
ठिठुरती
है
बहुत
दिन
भी
हर
रोज़
सुलगता
है
तिरी
यादों
से
Amit Sharma Meet
Send
Download Image
24 Likes
कोई
दीवाना
कहता
है
कोई
पागल
समझता
है
मगर
धरती
की
बेचैनी
को
बस
बादल
समझता
है
Kumar Vishwas
Send
Download Image
80 Likes
उसको
नंबर
देके
मेरी
और
उलझन
बढ़
गई
फोन
की
घंटी
बजी
और
दिल
की
धड़कन
बढ़
गई
Ana Qasmi
Send
Download Image
47 Likes
वो
तड़प
जाए
इशारा
कोई
ऐसा
देना
उस
को
ख़त
लिखना
तो
मेरा
भी
हवाला
देना
Azhar Inayati
Send
Download Image
23 Likes
Read More
आँख
की
बेबसी
दिल
का
डर
देखना
तुम
किसी
दिन
ग़रीबों
का
घर
देखना
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
8 Likes
मोहब्बत
में
पढ़े
मैंने
जहाँ
के
सब
बड़े
शायर
ये
बतलाओ
कि
क्या
कोई
यहाँ
हमको
भी
पढ़ता
है?
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
5 Likes
बहुत
खोजा
मगर
फिर
भी
किनारा
ना
मिला
मुझ
को
मिला
सबका
मगर
तेरा
सहारा
ना
मिला
मुझ
को
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
5 Likes
देखते
ही
देखते
मौसम
बदलने
लग
गया
आँख
के
तारे
की
आँखों
में
मैं
खलने
लग
गया
जो
तरक़्क़ी
की
दु'आ
करता
था
मेरी
हाँ
वही
देख
कर
मेरी
तरक़्क़ी
मुझ
सेे
जलने
लग
गया
Read Full
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
3 Likes
शे'र
सुन
कर
न
यूँँ
तुम
लजाना
सनम
अपने
बच्चों
को
इनको
सुनाना
सनम
रूठ
जाऊँ
मैं
तुम
से
कभी
भी
अगर
आ
के
तुम,
तालु
में,
गुदगुदाना
सनम
Read Full
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
8 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Fantasy Shayari
Aah Shayari
Wada Shayari
Bimar Shayari
Rang Shayari