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Alankrat Srivastava
kya pata hai tum sabhi ko KHaamushi kya cheez hai
kya pata hai tum sabhi ko KHaamushi kya cheez hai | क्या पता है तुम सभी को ख़ामुशी क्या चीज़ है
- Alankrat Srivastava
क्या
पता
है
तुम
सभी
को
ख़ामुशी
क्या
चीज़
है
जानते
तो
जान
जाते
ख़ुद-कुशी
क्या
चीज़
है
- Alankrat Srivastava
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मुद्दत
के
बाद
उस
ने
जो
की
लुत्फ़
की
निगाह
जी
ख़ुश
तो
हो
गया
मगर
आँसू
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
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अब
ज़िन्दगी
से
कोई
मिरा
वास्ता
नहीं
पर
ख़ुद-कुशी
भी
कोई
सही
रास्ता
नहीं
Rahul
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ख़ुद-कुशी
करने
से
बेहतर
ज़िंदगी
के
खेल
में
फीस
पूरी
दीजिए
पूरा
तमाशा
देखिए
Vijay Anand Mahir
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मैं
किसी
आँख
से
छलका
हुआ
आँसू
हूँ
'नबील'
मेरी
ताईद
ही
क्या
मेरी
बग़ावत
कैसी
Aziz Nabeel
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माँ
के
आँसू
को
समझता
हूँ
मुक़द्दस
इतना
बस
उन्हें
चूम
ले
अफ़ज़ल
तो
वज़ू
हो
जाए
S M Afzal Imam
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चुपके
चुपके
रात
दिन
आँसू
बहाना
याद
है
हम
को
अब
तक
आशिक़ी
का
वो
ज़माना
याद
है
Hasrat Mohani
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अब
दुआएँ
पा
रहा
है
हर
दिल-ए-नाशाद
की
क्या
ग़ज़ब
होगा
वो
जिसने
ख़ुद-कुशी
ईजाद
की
शा'इरी
का
ये
हुनर
कुछ
देर
से
आया
मगर
जी-हुज़ूरी
की
नहीं
मैंने
किसी
उस्ताद
की
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Rituraj kumar
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और
कुछ
तोहफ़ा
न
था
जो
लाते
हम
तेरे
नियाज़
एक
दो
आँसू
थे
आँखों
में
सो
भर
लाएँ
हैं
हम
Meer Hasan
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ज़िंदगी
इक
फ़िल्म
है
मिलना
बिछड़ना
सीन
हैं
आँख
के
आँसू
तिरे
किरदार
की
तौहीन
हैं
Sandeep Thakur
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पत्थर
दिल
के
आँसू
ऐसे
बहते
हैं
जैसे
इक
पर्वत
से
नदी
निकलती
है
Shobhit Dixit
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तुम
को
सुन
कर
के
हम
बुदबुदाने
लगे
बेसुरा
ही
सही
गीत
गाने
लगे
Alankrat Srivastava
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गर
तुम्हें
डर
लग
रहा
है
प्यार
में
इज़हार
से
तो
तुम्हारा
काम
होगा
मीर
के
अश'आर
से
जब
तलक
रहता
हूँ
मैं
लम्बे
सफ़र
पे
तब
तलक
माँ
की
साँसे
भी
हैं
चलती
ट्रेन
की
रफ़्तार
से
हाँ
वही
अकबर
कि
जिसके
सामने
सब
झुक
गए
देखो
जोधा
के
है
आगे
हो
गए
लाचार
से
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Alankrat Srivastava
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मेरा
जीवन
भी
मरण
भी
राम
हैं
और
आख़िर
में
शरण
भी
राम
हैं
Alankrat Srivastava
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किताबों
सा
खुला
हूँ
मैं,
कहाँ
मैं
कुछ
छुपाता
हूँ
कहानी
अपने
जीवन
की
मैं
हर
महफ़िल
में
गाता
हूँ
मोहब्बत
का
बड़ा
शायर
था
बेगम
से
मगर
हारा
वो
उतना
रूठ
जाती
है
उसे
जितना
मनाता
हूँ
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Alankrat Srivastava
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जहाँ
तुम
से
मिला
था
मैं
जहाँ
बिछड़े
थे
हम
दोनो
हमारे
बिन
हमारा
वो
शहर
भी
रो
रहा
होगा
Alankrat Srivastava
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