waqt kaise vo kaatta hogaa | वक़्त कैसे वो काटता होगा

  - Afzal Ali Afzal
वक़्तकैसेवोकाटताहोगा
ग़मयेउसकोभीखारहाहोगा
हिज्रकीरातफिरनहींकटती
आजफिरयानीरतजगाहोगा
तुझकोहँस-हँसकेयादकरताहूँ
कोईमुझसाभीयाँबताहोगा
शबेज़ुल्मतमेंरौशनीकेलिए
सिर्फ़मुफ़लिसकाघरजलाहोगा
अपनेहाथोंमेंथामकरचेहरा
क्याजबींवोभीचूमताहोगा?
उसकोपहरोंयूँँयादकरनेसे
ज़ख़्म-ए-दिलऔरभीहराहोगा
ज़ातमज़हबकोछोड़करअफ़ज़ल
क्याकभीभीकोईमिराहोगा?
  - Afzal Ali Afzal
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