तसव्वुरकीरानीसेउकतागयाहूँ
मैंझूठीकहानीसेउकतागयाहूँ
बहुतख़ूब-सूरतहैंदुनियाकीचीज़ें
मगरज़िंदगानीसेउकतागयाहूँ
निकालेहैंआँखोंसेख़्वाबीदालम्हें
किमैंख़ुश-गुमानीसेउकतागयाहूँ
ज़रासापिलादोमुझेआबएकौसर
मैंदुनियाकेपानीसेउकतागयाहूँ
तेरेदिलसेजोमैंनिकलनेलगाहूँ
तेरीबे-ध्यानीसेउकतागयाहूँ
ऐफ़िरदौसीहूरोंबुढ़ापादिखाओ
तुम्हारीजवानीसेउकतागयाहूँ
मेरेदोस्तोंअबनयाज़ख़्मदोतुम
पुरानीनिशानीसेउकतागयाहूँ
मुझेतुममेरानामलेकरपुकारो
मेरीजान,जानी,सेउकतागयाहूँ
‘रज़ा‘अबसेनफ़रतकेमानीलिखूँगा
मुहब्बतकेमानीसेउकतागयाहूँ