माज़ीकाइकचराग़बुझानापड़ामुझे
भूलानहींमैंयारभुलानापड़ामुझे
क्याक्यासमझरहेथेउदासीकोलोगतो
लोगोंकोमुस्कुराकेदिखानापड़ामुझे
पूछागयाकिज़िन्दगीसेकौनतंगहै
पूछागयातोहाथउठानापड़ामुझे
इकफूलकीपनाहमेंचाहीथीज़िन्दगी
काँटोंमेंज़िंदगीकोबितानापड़ामुझे
आयानहींयक़ींमुझेउसकेवजूदपर
फिरयूँँहुआकेहाथलगानापड़ामुझे
इकअजनबीमकानमेंरहनेलगाथादिल
इसकोवहाँसेखींचकेलानापड़ामुझे
मेरेख़याल-ए-ख़ाममेंदुनियाहैआइना
ख़ुदकोहीयारख़ुदसेमिलानापड़ामुझे
इकनामआरहाथाग़ज़लमेंतोयेहुआ
सौबारएकशे'रसुनानापड़ामुझे
सौदाकिसीकीचाहमेंघाटेकाकरलिया
महँगायेदिल-लगीकाफ़सानापड़ामुझे
मैंभीड़मेंभीउसकोदिखाईदूँइसलिए
चेहरेपेइकनिशानबनानापड़ामुझे
शायदमेरेबग़ैरतेराजीनहींलगे
कुछइसलिएभीलौटकेआनापड़ामुझे
कर्बलमेंअर्शसेजोदिखाईनहींदिया
वोख़ूनआसमाँमेंउड़ानापड़ामुझे
किसकामकीहैयारतेरीदोस्ती‘रज़ा‘
तुझकोभीहालख़ुदहीबतानापड़ामुझे