neend | "नींद"

  - Abhishek Bajpei
"नींद"
ख़ामोशीहै,रातेंहै..
ख़्वाबबहुतसतातेहै..
सोनेकीकोशिशहोतीहै,
सबयादोंसेडरजातेहै..
एकसपनालगताअपनासा
उसेसोचकेजबमुस्कातेहै..
कानोंमेंहक़ीक़तचीखतीहै
हमजीतेजीमरजातेहै
टूटेख़्वाबोंकेकुछटुकड़े
इसदिलमेंचुभतेजातेहै
हमफिरउनसारेजख्मोंपर
उम्मीदकामरहमलगातेहै
जबआँखेंबंदहोजातीहै
वोपगलीफिरजातीहै
वोप्यारसेगलेलगातीहै
फिरबातेंसबसमझातीहै
हमख़्वाबकोसचजानकर
उठकरखड़ेहोजातेहै
यारनींदतोबहुतआतीहै
लेकिनहमसोनहींपातेहै
  - Abhishek Bajpei
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