hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Abhinav srivastava
kya batlaayein duniya kaisi lagti hai
kya batlaayein duniya kaisi lagti hai | क्या बतलाएँ दुनिया कैसी लगती है
- Abhinav srivastava
क्या
बतलाएँ
दुनिया
कैसी
लगती
है
इक
तस्वीर
है
वो
भी
धुंधली
लगती
है
दोज़ख़
वाले
हैं
हमको
मालूम
है
पर
जन्नत
वाली
लड़की
अच्छी
लगती
है
- Abhinav srivastava
Download Sher Image
हम
क्या
जानें
जन्नत
कैसी
होती
है
उस
सेे
पूछो
जिसने
तुमको
पाया
है
Harsh saxena
Send
Download Image
10 Likes
है
दु'आ
जल्दी
जन्नत
अता
हो
तुझे
तू
मेरे
इश्क़
का
इश्क़
है
ऐ
रक़ीब
Prit
Send
Download Image
11 Likes
मिरे
माँ
बाप
जन्नत
से
नज़र
रखते
हैं
मुझ
पर
अब
मिरे
दिल
में
यतीमों
के
लिए
इक
ख़ास
कोना
है
Amaan Pathan
Send
Download Image
8 Likes
दानिशमंदों
रस्ता
बतला
सकते
हो
दीवाना
हूँ
वीराने
तक
जाना
है
जन्नत
वाले
थोड़ा
पहले
उतरेंगे
रिन्दों
को
तो
मयख़ाने
तक
जाना
है
Read Full
Vishal Bagh
Send
Download Image
46 Likes
मैं
सालों
बाद
जब
भी
गाँव
जाता
हूँ
लिए
पीपल
की
ठंडी
छाँव
जाता
हूँ
कहीं
मैली
न
हो
जाए
ये
जन्नत
मैं
माँ
के
पास
नंगे
पाँव
जाता
हूँ
Read Full
Ashok Sagar
Send
Download Image
3 Likes
चलती
फिरती
हुई
आँखों
से
अज़ाँ
देखी
है
मैं
ने
जन्नत
तो
नहीं
देखी
है
माँ
देखी
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
88 Likes
नए
साल
में
पिछली
नफ़रत
भुला
दें
चलो
अपनी
दुनिया
को
जन्नत
बना
दें
Unknown
Send
Download Image
26 Likes
हम
आसमाँ
के
लोग
थे
जन्नत
से
आए
थे
ख़ुद
को
मगर
ज़मीं
में
बोना
पड़ा
हमें
Abbas Qamar
Send
Download Image
33 Likes
हम
को
मालूम
है
जन्नत
की
हक़ीक़त
लेकिन
दिल
के
ख़ुश
रखने
को
'ग़ालिब'
ये
ख़याल
अच्छा
है
Mirza Ghalib
Send
Download Image
484 Likes
शब
को
मय
ख़ूब
सी
पी
सुब्ह
को
तौबा
कर
ली
रिंद
के
रिंद
रहे
हाथ
से
जन्नत
न
गई
Jaleel Manikpuri
Send
Download Image
22 Likes
Read More
करते
है
हम
प्यार
बदलना
मुश्किल
है
इतनी
जल्दी
यार
बदलना
मुश्किल
है
अच्छे
दिन
तो
नइ
आएँगे
अपने
और
मौजूदा
सरकार
बदलना
मुश्किल
है
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
2 Likes
उनका
जब
भी
मन
हो
आते
जाते
हैं
कह
सकता
हूँ
वो
बस
दिल
बहलाते
हैं
जी
करता
है
फोड़
लूँ
अपनी
आँखें
मैं
जिन
में
अब
भी
ख़्वाब
तुम्हारे
आते
हैं
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
1 Like
सुहानी
सी
फ़ज़ा
है
लौट
आओ
भुला
दो
जो
हुआ
है
लौट
आओ
हमारी
मंज़िलें
भी
एक
हैं
और
यही
एक
रास्ता
है
लौट
आओ
गए
हैं
छोड़कर
हमको
कई
पर
फ़क़त
तुम
सेे
कहा
है
लौट
आओ
गई
थी
जनवरी
में
छोड़कर
तुम
दिसंबर
आ
गया
है
लौट
आओ
तुम्हें
देखा
नहीं
है
साल
भर
से
बहुत
मन
कर
रहा
है
लौट
आओ
Read Full
Abhinav srivastava
Download Image
1 Like
खो
दिया
है
दोस्त
हमने
आपको
अब
कहाँ
पर
कौन
ढूँढे
आपको
आपके
जॉनर
से
बाहर
है
ये
इश्क़
लाख
समझाया
था
अपने
आपको
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
1 Like
था
जो
काँटा
निकल
नहीं
पाया
मैं
गिरा
और
सँभल
नहीं
पाया
सात
जन्मों
की
बात
करता
था
इक
जनम
साथ
चल
नहीं
पाया
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Cigarette Shayari
Falak Shayari
Poverty Shayari
Ijazat Shayari
Yaad Shayari