hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Abhinav srivastava
unka jab bhi man ho aate jaate hain
unka jab bhi man ho aate jaate hain | उनका जब भी मन हो आते जाते हैं
- Abhinav srivastava
उनका
जब
भी
मन
हो
आते
जाते
हैं
कह
सकता
हूँ
वो
बस
दिल
बहलाते
हैं
जी
करता
है
फोड़
लूँ
अपनी
आँखें
मैं
जिन
में
अब
भी
ख़्वाब
तुम्हारे
आते
हैं
- Abhinav srivastava
Download Sher Image
रात
भर
उन
का
तसव्वुर
दिल
को
तड़पाता
रहा
एक
नक़्शा
सामने
आता
रहा
जाता
रहा
Akhtar Shirani
Send
Download Image
33 Likes
कि
तुमको
देखने
के
बाद
यारा
तुम्हारे
ख़्वाब
सब
देखा
करेंगे
Kaviraj " Madhukar"
Send
Download Image
1 Like
मेरे
भी
दिल
में
राख
उड़ती
है
तेरे
भी
ख़्वाब
इस
असर
में
हैं
Nusrat Zehra
Send
Download Image
14 Likes
माना
कि
सब
के
सामने
मिलने
से
है
हिजाब
लेकिन
वो
ख़्वाब
में
भी
न
आएँ
तो
क्या
करें
Akhtar Shirani
Send
Download Image
21 Likes
न
जी
भर
के
देखा
न
कुछ
बात
की
बड़ी
आरज़ू
थी
मुलाक़ात
की
Bashir Badr
Send
Download Image
56 Likes
ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
Send
Download Image
24 Likes
उम्र
कम
पड़
जायेगी
हर
ख़्वाब
गर
पूरा
हुआ
और
गर
पूरा
न
हो
तो
काटती
है
ज़िंदगी
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
3 Likes
ऐसा
है
कि
सब
ख़्वाब
मुसलसल
नहीं
होते
जो
आज
तो
होते
हैं
मगर
कल
नहीं
होते
Ahmad Faraz
Send
Download Image
40 Likes
सुनहरी
लड़कियों
इनको
मिलो
मिलो
न
मिलो
ग़रीब
होते
हैं
बस
ख़्वाब
देखने
के
लिए
Abbas Tabish
Send
Download Image
36 Likes
आशिक़ी
में
'मीर'
जैसे
ख़्वाब
मत
देखा
करो
बावले
हो
जाओगे
महताब
मत
देखा
करो
Ahmad Faraz
Send
Download Image
30 Likes
Read More
खो
दिया
है
दोस्त
हमने
आपको
अब
कहाँ
पर
कौन
ढूँढे
आपको
आपके
जॉनर
से
बाहर
है
ये
इश्क़
लाख
समझाया
था
अपने
आपको
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
1 Like
करते
है
हम
प्यार
बदलना
मुश्किल
है
इतनी
जल्दी
यार
बदलना
मुश्किल
है
अच्छे
दिन
तो
नइ
आएँगे
अपने
और
मौजूदा
सरकार
बदलना
मुश्किल
है
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
2 Likes
क्या
बतलाएँ
दुनिया
कैसी
लगती
है
इक
तस्वीर
है
वो
भी
धुंधली
लगती
है
दोज़ख़
वाले
हैं
हमको
मालूम
है
पर
जन्नत
वाली
लड़की
अच्छी
लगती
है
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
1 Like
था
जो
काँटा
निकल
नहीं
पाया
मैं
गिरा
और
सँभल
नहीं
पाया
सात
जन्मों
की
बात
करता
था
इक
जनम
साथ
चल
नहीं
पाया
Read Full
Abhinav srivastava
Send
Download Image
1 Like
सुहानी
सी
फ़ज़ा
है
लौट
आओ
भुला
दो
जो
हुआ
है
लौट
आओ
हमारी
मंज़िलें
भी
एक
हैं
और
यही
एक
रास्ता
है
लौट
आओ
गए
हैं
छोड़कर
हमको
कई
पर
फ़क़त
तुम
सेे
कहा
है
लौट
आओ
गई
थी
जनवरी
में
छोड़कर
तुम
दिसंबर
आ
गया
है
लौट
आओ
तुम्हें
देखा
नहीं
है
साल
भर
से
बहुत
मन
कर
रहा
है
लौट
आओ
Read Full
Abhinav srivastava
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Tanhai Shayari
Mazdoor Shayari
Mehman Shayari
Charity Shayari
Rahbar Shayari