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Abhinav srivastava
tha jo kaanta nikal nahin paaya
tha jo kaanta nikal nahin paaya | था जो काँटा निकल नहीं पाया
- Abhinav srivastava
था
जो
काँटा
निकल
नहीं
पाया
मैं
गिरा
और
सँभल
नहीं
पाया
सात
जन्मों
की
बात
करता
था
इक
जनम
साथ
चल
नहीं
पाया
- Abhinav srivastava
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रात
दिन
तेरे
साथ
कटते
थे
यार
अब
तुझ
सेे
बात
से
भी
गए
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
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Kafeel Rana
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मेरे
साथ
हँसने
वालों
शरीक
हों
दुख
में
गर
गुलाब
की
ख़्वाहिश
है
तो
चूम
काँटों
को
Neeraj Neer
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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वा'दा
करो
कि
हाथ
छुड़ाकर
न
जाओगे
वा'दा
करो
कि
सात
जनम
तक
रहेगा
इश्क़
Mukesh Jha
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सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Bilal Ameer Ahmad
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इस
से
पहले
कि
तुझे
और
सहारा
न
मिले
मैं
तिरे
साथ
हूँ
जब
तक
मिरे
जैसा
न
मिले
Afkar Alvi
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जाने
अब
वो
किसके
साथ
निकलता
होगा
रातों
को
जाने
कौन
लगाता
होगा
दो
घंटे
तैयारी
में
Danish Naqvi
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सँभलता
हूँ
तो
ये
लगता
है
जैसे
तुम्हारे
साथ
धोखा
कर
रहा
हूँ
Shariq Kaifi
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ज़रा
पाने
की
चाहत
में
बहुत
कुछ
छूट
जाता
है
नदी
का
साथ
देता
हूँ
समुंदर
रूठ
जाता
है
Aalok Shrivastav
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शर्तें
लगाई
जाती
नहीं
दोस्ती
के
साथ
कीजे
मुझे
क़ुबूल
मिरी
हर
कमी
के
साथ
Waseem Barelvi
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करते
है
हम
प्यार
बदलना
मुश्किल
है
इतनी
जल्दी
यार
बदलना
मुश्किल
है
अच्छे
दिन
तो
नइ
आएँगे
अपने
और
मौजूदा
सरकार
बदलना
मुश्किल
है
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Abhinav srivastava
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सुहानी
सी
फ़ज़ा
है
लौट
आओ
भुला
दो
जो
हुआ
है
लौट
आओ
हमारी
मंज़िलें
भी
एक
हैं
और
यही
एक
रास्ता
है
लौट
आओ
गए
हैं
छोड़कर
हमको
कई
पर
फ़क़त
तुम
सेे
कहा
है
लौट
आओ
गई
थी
जनवरी
में
छोड़कर
तुम
दिसंबर
आ
गया
है
लौट
आओ
तुम्हें
देखा
नहीं
है
साल
भर
से
बहुत
मन
कर
रहा
है
लौट
आओ
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Abhinav srivastava
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उनका
जब
भी
मन
हो
आते
जाते
हैं
कह
सकता
हूँ
वो
बस
दिल
बहलाते
हैं
जी
करता
है
फोड़
लूँ
अपनी
आँखें
मैं
जिन
में
अब
भी
ख़्वाब
तुम्हारे
आते
हैं
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Abhinav srivastava
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क्या
बतलाएँ
दुनिया
कैसी
लगती
है
इक
तस्वीर
है
वो
भी
धुंधली
लगती
है
दोज़ख़
वाले
हैं
हमको
मालूम
है
पर
जन्नत
वाली
लड़की
अच्छी
लगती
है
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Abhinav srivastava
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खो
दिया
है
दोस्त
हमने
आपको
अब
कहाँ
पर
कौन
ढूँढे
आपको
आपके
जॉनर
से
बाहर
है
ये
इश्क़
लाख
समझाया
था
अपने
आपको
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Abhinav srivastava
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