hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nishad
ab isse behtar kaise samjhaata main khaali-pan use
ab isse behtar kaise samjhaata main khaali-pan use | अब इस सेे बेहतर कैसे समझाता मैं ख़ाली-पन उसे
- Nishad
अब
इस
सेे
बेहतर
कैसे
समझाता
मैं
ख़ाली-पन
उसे
मैंने
उसे
ख़त
भेजा
और
ख़त
में
लिखा
कुछ
भी
नहीं
- Nishad
Download Sher Image
ख़ुशबू
जैसे
लोग
मिले
अफ़्साने
में
एक
पुराना
ख़त
खोला
अनजाने
में
Gulzar
Send
Download Image
37 Likes
तुम्हें
लौटा
रहा
हूँ
ख़त
तुम्हारे
कभी
तुम
क्या
थीं
ख़ुद
ही
देख
लेना
Gaurav Trivedi
Send
Download Image
46 Likes
हाकिम
को
इक
चिट्ठी
लिक्खो
सब
के
सब
और
उस
में
बस
इतना
लिखना
लानत
है
Read Full
Varun Anand
Send
Download Image
62 Likes
तेरे
ख़त
आज
लतीफ़ों
की
तरह
लगते
हैं
ख़ूब
हँसता
हूँ
जहाँ
लफ़्ज-ए-वफ़ा
आता
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
61 Likes
कल
मेरी
एक
प्यारी
सहेली
किताब
में
इक
ख़त
छुपा
रही
थी
कि
तुम
याद
आ
गए
Anjum Rehbar
Send
Download Image
46 Likes
'आशिक़
का
ख़त
है
पढ़ना
ज़रा
देख-भाल
के
काग़ज़
पे
रख
दिया
है
कलेजा
निकाल
के
LALA RAKHA RAM BARQ
Send
Download Image
31 Likes
जब
प्यार
नहीं
है
तो
भुला
क्यूँँ
नहीं
देते
ख़त
किस
लिए
रक्खे
हैं
जला
क्यूँँ
नहीं
देते
Hasrat Jaipuri
Send
Download Image
28 Likes
'ताहिर'
उन
बे-बस
लम्हों
का
अहद
निभाना
होगा
उस
ने
कहा
था
ख़त
मत
लिखना
ग़ज़लें
लिखते
रहना
Qayyum Tahir
Send
Download Image
34 Likes
तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
18 Likes
जो
उसने
लिक्खे
थे
ख़त
कापियों
में
छोड़
आए
हम
आज
उसको
बड़ी
उलझनों
में
छोड़
आए
Munawwar Rana
Send
Download Image
28 Likes
Read More
देख
कर
तेरी
नज़ाकत,
ज़ेब-ओ-ज़ीनत
आइना
भी
तुझ
सेा
बनते
जा
रहा
है
Nishad
Send
Download Image
0 Likes
आपको
लम्स
भी
मुयस्सर
है
मुझको
दीदार
तक
नसीब
नहीं
Nishad
Send
Download Image
1 Like
भटकते
फिर
रहा
है
इक
बदन
से
दूसरे
तक
ग़म
अब
इस
ग़म
को
थकन
के
मारे
बस
जी
भर
के
रोना
है
Nishad
Send
Download Image
1 Like
खा
रहा
है
कबसे
मुझको
इक
सवाल
ज़िंदगी
ज़िंदा
रखेगी
कब
तलक
Nishad
Send
Download Image
1 Like
दोस्त
भी
है,
इश्क़
भी
है,
लेकिन
इन
में
दर्द
भी
है
इसलिए
तो
ज़िंदगी
के
फ़लसफ़े
में
शा'इरी
है
Read Full
Nishad
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Kismat Shayari
Aashiq Shayari
Angdaai Shayari
Bekhudi Shayari
Kamar Shayari