haaye khaamosh raha saaz-e-nafs ab ke baras | हाए ख़ामोश रहा साज़-ए-नफ़स अब के बरस

  - ZOHAIB AMROHVI
हाएख़ामोशरहासाज़-ए-नफ़सअबकेबरस
दिलगयाजश्नबहाराँकोतरसअबकेबरस
क़ाफ़िलेकैसेसरे-राहभटकतेहोंगे
बदलीबदलीसीहैआवाज़ेजरसअबकेबरस
रिन्दख़ामोशहैमयख़ानाहैसूनासूना
अब्र-ए-बाराँतूबरसऔरबरसअबकेबरस
तोड़दोबादा-ए-रंगींकेछलकतेसागर
चश्म-ए-साक़ीमेंक़यामतकाहैरसअबकेबरस
मेरेसय्यादबहारआईगईभीलेकिन
क्याहुआक्यूँँखुलाबाब-ए-क़फ़सअबकेबरस
हादसात-ए-ग़मे-दौरांहैमुसलसल'अंबर'
चलागर्दिश-ए-अय्यामपेबसअबकेबरस
  - ZOHAIB AMROHVI
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