pahle muft men pyaas bathegi | पहले मुफ़्त में प्यास बटेगी

  - Zubair Ali Tabish
पहलेमुफ़्तमेंप्यासबटेगी
बा'दमेंइक-इकबूँदबिकेगी
कितनेहसींहोमाशा-अल्लाह
तुमपेमोहब्बतख़ूबजचेगी
ज़ालिमबसइतनाबतलादे
क्यारोनेकीछूटमिलेगी
आजतोपत्थरबाँधलियाहै
लेकिनकलफिरभूकलगेगी
मैंभीपागलतूभीपागल
हमदोनोंकीख़ूबजमेगी
यारनेपानीफेरदियाहै
ख़ाकहमारीख़ाकउड़ेगी
दुनियाकोऐसेभूलूँगा
दुनियामुझकोयादकरेगी
  - Zubair Ali Tabish
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