baithe-baithe ik dam se chaunkaati hai | बैठे-बैठे इक दम से चौंकाती है

  - Zubair Ali Tabish
बैठे-बैठेइकदमसेचौंकातीहै
यादतिरीकबदस्तकदेकरआतीहै
तितलीकेजैसीहैमेरीहरख़्वाहिश
हाथलगानेसेपहलेउड़जातीहै
मेरेसज्देराज़नहींरहनेवाले
उसकीचौखटमाथेकोचमकातीहै
इश्क़मेंजितनाबहकोउतनाहीअच्छा
येगुमराहीमंज़िलतकपहुँचातीहै
पहलीपहलीबारअजबसालगताहै
धीरेधीरेआदतसीहोजातीहै
तुमउसकोभीसमझाकरपछताओगे
वोभीमेरेहीजैसीजज़्बातीहै
  - Zubair Ali Tabish
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