ashnaan karne ghar se chale laala-laal-chand | अश्नान करने घर से चले लाला-लाल-चंद

  - Zafar Ali Khan
अश्नानकरनेघरसेचलेलाला-लाल-चंद
औरआगेआगेलालाकेउनकीबहूगई
पूछाजोमैंनेलालालल्लाइनकहाँगईं
नीचीनज़रसेकहनेलगेवोभीचूगई
मैंनेदियाजवाबउन्हेंअज़-रह-ए-मज़ाक़
क्यावोभीकोईछतथीकिबारिशसेचूगई
कहनेलगेकिआपभीहैंमस्ख़रेअजब
अबतकभीआपसेतमस्ख़ुरकीख़ूगई
चूहोशियारपरमैंनदीसेहैयेमुराद
बीबीतमीज़भीहैंवहींकरनेवुज़ूगई
मैंनेकहाकिचूसेअगरहैमुरादजू
फिरयूँँकहोकिता-ब-लब-ए-आब-जूगई
क्यूँँऐंठेंहैंमाशकेआटेकीतरहआप
धोतीसेआपकीनहींहल्दीकीबूगई
लुत्फ़-ए-ज़बाँसेक्याहोसरोकारआपको
दामनकोआपकेनहींतहज़ीबछूगई
हिन्दीनेकेजीमकूचेसेबदलदिया
चूआईकोहसारसेगुलशनसेजूगई
लहजाहुआदुरुश्तज़बाँहोगईकरख़्त
लुत्फ़-ए-कलाम-ओ-शिस्तगी-ए-गुफ़्तुगूगई
मा'नीकोहैगिलाकिहुआबे-हिजाबमैं
शिकवाहैलफ़्ज़कोकिमिरीआबरूगई
अफ़्सोसमुल्कमेंरहीफ़ारसीकीक़द्र
मस्तीउड़ीशराबसेफूलोंकीबूगई
  - Zafar Ali Khan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy