har paikar-e-raanaai ne mujhe teri hi yaad dilaai hai | हर पैकर-ए-रानाई ने मुझे तेरी ही याद दिलाई है

  - Yusuf Jamal
हरपैकर-ए-रानाईनेमुझेतेरीहीयाददिलाईहै
कुछइश्क़मिराहरजाईहैकुछहुस्नतिराहरजाईहै
हाँसोचसमझकरजान-ए-वफ़ामैंवोपत्थरहूँकिनारेका
जोमौजभँवरसेनिकलीहैउठकरमुझसेटकराईहै
ठहरावहैवज़-ए-साहिलमेंतूफ़ाँतोनहींबरपादिलमें
कजलातोचलाहैअँगाराऐसेमेंहवापुर्वाईहै
चाहतमेंकिसीकीजीताहूँसूरतपेकिसीकीमरताहूँ
येजीनामुझकोभायाहैयेमौतमुझेरासआईहै
कुछतेराभीअरमानरहेऔरकुछअपनाभीध्यानरहे
इतनीतोमुझेपहचानरहेयेवस्लहैयातन्हाईहै
येलंबीरातयेबे-ख़्वाबीयेकरवटकरवटबेताबी
मौसमकेबसंतीछींटोंनेक्याआगजिगरमेंलगाईहै
अहल-ए-ख़िरदहमदीवानेजबसू-ए-चमनजानिकलेहैं
काँटोंकोसरपररक्खाहैफूलोंसेआँखचुराईहै
  - Yusuf Jamal
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