तन्हाईकीक़ब्रसेउठकरमैंसड़कोंपरखोजाताहूँ
चेहरोंकेगहरेसागरमेंमुर्दाआँखेंफेंकआताहूँ
मैंकोईबरगदतोनहींहूँसदियोंठहरूँइसधरतीपर
धुँदमेंलिपटेख़्वाबोंकाक़दलम्हालम्हानापरहाहूँ
वोतोझूटकीचादरओढ़ेफैलासागरफाँदचुकाहै
मैंहीसचकीमालाजपतेइसधरतीमेंडूबरहाहूँ
पानीकीमौजोंपेलिक्खीहैलम्होंकीबे-रूहकहानी
क्यापायाहैक्याखोयाहैमैंसदियोंसेखोजरहाहूँ
'आज़मी'अपनीयेदुनियाहोजैसेकोईभूल-भुलय्याँ
धुँदमेंलिपटेख़्वाबोंहीसेआँख-मिचोलीखेलरहाहूँ