duniya-e-kharaabaat se pahle bhi kahii tha | दुनिया-ए-ख़राबात से पहले भी कहीं था

  - Yunus Tahseen
दुनिया-ए-ख़राबातसेपहलेभीकहींथा
मैंअपनीमुलाक़ातसेपहलेभीकहींथा
आलमतोअभीकलकेहैंतख़्लीक़मिरेदोस्त
मैंअर्ज़-ओ-समावातसेपहलेभीकहींथा
मैंआजभीहूँकलभीकहींहूँगायक़ीनन
औरअर्सा-ए-औक़ातसेपहलेभीकहींथा
कहतेथेमलाएककियेइंसानहैफ़ित्ना
या'नीकिमैंख़दशातसेपहलेभीकहींथा
लोगोंकोतोइदराकमिराआजहुआहै
मैंसारीख़ुराफ़ातसेपहलेभीकहींथा
हरशयकीमिरेदमसेहीपहचानहुईहै
मैंकश्फ़-ओ-करामातसेपहलेभीकहींथा
मैंहज़रत-ए-इंसानअनल-इश्क़अनल-हुस्न
आदमकीहिकायातसेपहलेभीकहींथा
हरचीज़मिरेवास्तेरक़्साँहैजहाँकी
मैंमहफ़िल-ओ-नग़्मातसेपहलेभीकहींथा
जिसरातख़ुदा-पाकनेइक़रारलियाथा
'तहसीन'मैंउसरातसेपहलेभीकहींथा
  - Yunus Tahseen
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