din-raat raah-e-ishq men be-sood aah kar | दिन-रात राह-ए-इश्क़ में बे-सूद आह कर

  - Yousuf Bin Mohammad
दिन-रातराह-ए-इश्क़मेंबे-सूदआहकर
हैहुस्नकातक़ाज़ाकिख़ुदकोतबाहकर
दुनियाकोअपनेदर्दकीकुछभीनहींक़दर
अबइसदयार-ए-रंजसेसामान-ए-राहकर
क़ाबिलहोंदादकेयेज़रूरीभीतोनहीं
होउनसेख़ुशज़मानातोतूवाहवाहकर
यकसरजोदिललगायातोदिलकीक़दरगई
येगाहपासरखलेनज़रउनकीगाहकर
थकसागयासत्हसेयेदिलबे-क़रारसा
अबयेसफीना-हा-ए-बहरनज़्र-ए-थाहकर
महबूबकीनज़रकायेअदनाकमालहै
जिसकोगदायेकरदेजिसेचाहेशाहकर
  - Yousuf Bin Mohammad
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