main hamesha sochti thii | मैं हमेशा सोचती थी

  - Yasmeen Hameed
मैंहमेशासोचतीथी
आँसूऔरदर्द
हमेंनफ़रतोंसेहीमिलतेहैं
अगरनफ़रतेंहों
तोयेआँसूभीहों
औरदर्दभीहो
मगरजब
उसकीमोहब्बतका
चाहतका
औरए'तिबारकामौसमबीता
तबआँखेंखुलीं
एहसासहुआ
किदर्दसिर्फ़नफ़रतोंमेंही
नहींहोता
मोहब्बतभीइंसानको
सरापादर्दबनादेतीहै
मोहब्बतदर्ददेतीहै
  - Yasmeen Hameed
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