misaal-e-aks mire aaine men dhalt raha | मिसाल-ए-अक्स मिरे आइने में ढलता रहा

  - Yasmeen Hameed
मिसाल-ए-अक्समिरेआइनेमेंढलतारहा
वोख़द्द-ओ-ख़ालभीअपनेमगरबदलतारहा
मैंपत्थरोंपेगिरीऔरख़ुदसँभलभीगई
वोख़ामुशीसेमिरेसाथसाथचलतारहा
उजालाहोतेहीकैसेउसेबुझाऊँगी
अगरचराग़मिराता-ब-सुब्हजलतारहा
मैंउसकेमअ'नीमक़्सदकेसंगचुनतीरही
वोएकहर्फ़जोएहसासकोकुचलतारहा
ज़मींख़ुलूसकीमिट्टीसेबे-नियाज़रही
रिफ़ाक़तोंकाशजरवाहिमोंपेपलतारहा
  - Yasmeen Hameed
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