hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Yamir Ahsan
mire haath men uskaa paigaam tha
mire haath men uskaa paigaam tha | मिरे हाथ में उसका पैग़ाम था
- Yamir Ahsan
मिरे
हाथ
में
उसका
पैग़ाम
था
पर
उस
में
किसी
और
का
नाम
था
वो
मेरे
लिए
जिस
क़दर
ख़ास
थी
मैं
उसके
लिए
उतना
ही
आम
था
तवज्जो
से
मारे
हुए
शख़्स
पर
तवज्जो
न
देने
का
इल्ज़ाम
था
उसे
आख़िरी
सफ़
में
मैंने
लिखा
मिरी
दास्ताँ
का
वो
अंजाम
था
भुला
देता
तुझको,
मगर
मुझपे
तो
वफ़ादार
होने
का
इल्ज़ाम
था
मुझे
झूठ
कहने
की
आदत
नहीं
मगर
झूठ
कहने
पे
ईनाम
था
जो
दौरान-ए-तर्क़-ए-त'अल्लुक
रही
ख़मोशी
नहीं
थी,
वो
कोहराम
था
- Yamir Ahsan
Download Ghazal Image
अपनी
ज़बाँ
से
कुछ
न
कहेंगे
चुप
ही
रहेंगे
'आशिक़
लोग
तुम
से
तो
इतना
हो
सकता
है
पूछो
हाल
बेचारों
का
Ibn E Insha
Send
Download Image
24 Likes
चुप
हुए
तो
घर
से
निकले
जा
के
दफ़्तर
रो
पड़े
इश्क़
ऐसी
जंग
है
जिस
में
सिकंदर
रो
पड़े
बस
दिलों
पर
कब
किसी
का
चल
सका
है
इश्क़
में
फिर
से
डायल
कर
के
हम
वो
एक
नंबर
रो
पड़े
Read Full
Prashant Sharma Daraz
Send
Download Image
38 Likes
जिन्हें
सब
लोग
गूँगा
बोलते
हैं
मेरे
आगे
वो
ऊँचा
बोलते
हैं
ख़मोशी
बोलने
वालों
की
सफ़
में
हमीं
सब
सेे
ज़ियादा
बोलते
हैं
Read Full
Ashutosh Vdyarthi
Send
Download Image
40 Likes
क्या
ख़ूब
तुम
ने
ग़ैर
को
बोसा
नहीं
दिया
बस
चुप
रहो
हमारे
भी
मुँह
में
ज़बान
है
Mirza Ghalib
Send
Download Image
37 Likes
चुप
रहते
हैं
चुप
रहने
दो
राज़
बताओ
खोले
क्या
बात
वफ़ा
की
तुम
करती
हो
बोलो
हम
कुछ
बोले
क्या
उल्फ़त
तो
अफ़साना
है
तुम
करती
खूब
सियासत
हो
हम
भी
हैं
मक़बूल
बहुत
अब
बोल
किसी
के
होलें
क्या
Read Full
Anand Raj Singh
Send
Download Image
76 Likes
है
कुछ
ऐसी
ही
बात
जो
चुप
हूँ
वर्ना
क्या
बात
कर
नहीं
आती
Mirza Ghalib
Send
Download Image
32 Likes
मेरे
होंटों
पे
ख़ामुशी
है
बहुत
इन
गुलाबों
पे
तितलियाँ
रख
दे
Shakeel Azmi
Send
Download Image
28 Likes
वो
शांत
बैठा
है
कब
से
मैं
शोर
क्यूँँॅं
न
करूँॅं
बस
एक
बार
वो
कह
दे
कि
चुप
तो
चूँ
न
करूँॅं
Charagh Sharma
Send
Download Image
53 Likes
वो
आँखें
चुप
थीं
लेकिन
हँस
रही
थीं
मेरा
जी
कर
रहा
था
चूम
लूँ
अब
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
33 Likes
मैं
उस
को
देख
के
चुप
था
उसी
की
शादी
में
मज़ा
तो
सारा
इसी
रस्म
के
निबाह
में
था
Muneer Niyazi
Send
Download Image
43 Likes
Read More
पॉँव
चादर
में
सिमट
सकते
नहीं
शौक़
भी
तो
अपने
घट
सकते
नहीं
रास्तों
में
कुछ
गिराने
पड़
गए
जेब
में
सब
ख़्वाब
अट
सकते
नहीं
हम
मुसाफ़िर
हैं
तेरी
आवाज़
पे
रुक
तो
सकते
हैं
पलट
सकते
नहीं
Read Full
Yamir Ahsan
Download Image
2 Likes
एक
तू
है,
मुझे
तोड़
देता
है
हर
मर्तबा
एक
ये
आस
है
मेरी
जो
टूटती
ही
नहीं
Yamir Ahsan
Send
Download Image
1 Like
वो
मेरे
लिए
जिस
क़दर
ख़ास
थी,
मैं
उसके
लिए
उतना
ही
आम
था
Yamir Ahsan
Send
Download Image
1 Like
वो
मुझको
जब
नज़रअंदाज़
करती
है
ये
ख़ामोशी
बहुत
आवाज़
करती
है
Yamir Ahsan
Send
Download Image
0 Likes
या
तो
हासिल
हो
बस
मुझे
वो
शख़्स
या
तो
सब
पर
हराम
हो
जाए
Yamir Ahsan
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Zindagi Shayari
Nigaah Shayari
Samundar Shayari
Faasla Shayari
Attitude Shayari