duniya ka chalan tark kiya bhi nahin jaata | दुनिया का चलन तर्क किया भी नहीं जाता

  - Yagana Changezi
दुनियाकाचलनतर्ककियाभीनहींजाता
इसजादा-ए-बातिलसेफिराभीनहींजाता
ज़िंदान-ए-मुसीबतसेकोईनिकलेतोक्यूँँकर
रुस्वासर-ए-बाज़ारहुआभीनहींजाता
दिलबाद-ए-फ़नाभीहैगिराँ-बार-ए-अमानत
दुनियासेसुबुक-दोशउठाभीनहींजाता
क्यूँँआनेलगेशाहिद-ए-इस्मतसर-ए-बाज़ार
क्याख़ाककेपर्देमेंछुपाभीनहींजाता
इकमअ'नी-ए-बे-लफ़्ज़हैअंदेशा-ए-फ़र्दा
जैसेख़त-ए-क़िस्मतकिपढ़ाभीनहींजाता
  - Yagana Changezi
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