dil lagaane ki jagah aalam-e-eejaad nahin | दिल लगाने की जगह आलम-ए-ईजाद नहीं

  - Yagana Changezi
दिललगानेकीजगहआलम-ए-ईजादनहीं
ख़्वाबआँखोंनेबहुतदेखेमगरयादनहीं
आजअसीरोंमेंवोहंगामा-ए-फ़रियादनहीं
शायदअबकोईगुलिस्ताँकासबक़यादनहीं
सर-ए-शोरीदासलामतहैमगरक्याकहिए
दस्त-ए-फ़रहादनहींतेशा-ए-फ़रहादनहीं
तौबाभीभूलगएइश्क़मेंवोमारपड़ी
ऐसेऔसानगएहैंकिख़ुदायादनहीं
दुश्मनदोस्तसेआबादहैंदोनोंपहलू
दिलसलामतहैतोघरइश्क़काबर्बादनहीं
फ़िक्र-ए-इमरोज़अंदेशा-ए-फ़र्दाकीख़लिश
ज़िंदगीउसकीजिसेमौतकादिनयादनहीं
निकहत-ए-गुलकीहैरफ़्तारहवाकीपाबंद
रूहक़ालिबसेनिकलनेपेभीआज़ादनहीं
ज़िंदाहैंमुर्दा-परस्तोंमेंअभीतक'ग़ालिब'
मगरउस्ताद'यगाना'साअबउस्तादनहीं
  - Yagana Changezi
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