hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ganesh gorakhpuri
saare adhoore hain tire ik husn ke vo saamne
saare adhoore hain tire ik husn ke vo saamne | सारे अधूरे हैं तिरे इक हुस्न के वो सामने
- Ganesh gorakhpuri
सारे
अधूरे
हैं
तिरे
इक
हुस्न
के
वो
सामने
तू
जो
दिखे
तो
रात
में
भी
भोर
हो
जाए
मिरा
- Ganesh gorakhpuri
Download Sher Image
रात
यूँँ
दिल
में
तिरी
खोई
हुई
याद
आई
जैसे
वीराने
में
चुपके
से
बहार
आ
जाए
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
33 Likes
तन्हाई
के
हुजूम
में
वो
एक
तेरी
याद
जैसे
अँधेरी
रात
में
जलता
हुआ
दिया
Sagheer Lucky
Send
Download Image
3 Likes
रात
सोने
के
लिए
दिन
काम
करने
के
लिए
वक़्त
मिलता
ही
नहीं
आराम
करने
के
लिए
Jamal Ehsani
Send
Download Image
41 Likes
सारी
रात
लगाकर
उसपर
नज़्म
लिखी
और
उसने
बस
अच्छा
लिखकर
भेजा
है
Zahid Bashir
Send
Download Image
69 Likes
जब
तुझे
याद
कर
लिया
सुब्ह
महक
महक
उठी
जब
तेरा
ग़म
जगा
लिया
रात
मचल
मचल
गई
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
28 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
कब
ठहरेगा
दर्द
ऐ
दिल
कब
रात
बसर
होगी
सुनते
थे
वो
आएँगे
सुनते
थे
सहर
होगी
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
40 Likes
जागना
और
जगा
के
सो
जाना
रात
को
दिन
बना
के
सो
जाना
Ali Zaryoun
Send
Download Image
54 Likes
अभी
हमको
मुनासिब
आप
होते
से
नहीं
लगते
ब–चश्म–ए–तर
मुख़ातिब
हैं
प
रोते
से
नहीं
लगते
वही
दर्या
बहुत
गहरा
वही
तैराक
हम
अच्छे
हुआ
है
दफ़्न
मोती
अब
कि
गोते
से
नहीं
लगते
ये
आई
रात
आँखों
को
चलो
खूँ–खूँ
किया
जाए
बदन
ये
सो
भी
जाए
आँख
सोते
से
नहीं
लगते
Read Full
Dhiraj Singh 'Tahammul'
Send
Download Image
1 Like
नज़रें
हो
गड़ीं
जिनकी
वसीयत
पे
दिनो-रात
माँ-बाप
कि
'उम्रों
कि
दु'आ
खाक़
करेंगे
Asad Akbarabadi
Send
Download Image
12 Likes
Read More
हमारे
चाहने
से
कुछ
नहीं
होगा
नदी
है
वो
कभी
वापस
नहीं
मुड़ती
Ganesh gorakhpuri
Send
Download Image
1 Like
पोशीदा
के
जैसे
सपने
झाँक
रहे
थे
मिरे
सभी
शायद
मिरे
पिता
आज
भी
पुराना
कपड़ा
पहने
हैं
Ganesh gorakhpuri
Send
Download Image
1 Like
जिस
फूल
को
मैं
नासमझ,
ख़ुद
का
कहा
मुझ
को
दिखा
माली
उसी
को
सींचते
Ganesh gorakhpuri
Send
Download Image
3 Likes
इश्क़
में
डूबने
का
मज़ा
और
है
तैरना
सीख
लें
सब
ज़रूरी
नहीं
Ganesh gorakhpuri
Send
Download Image
1 Like
हवा
को
दोष
मत
देना
अभी
सोचो
शराफ़त
आग
में
होती
जुदा
होती
सियासत
ने
दिलों
में
है
भरी
नफ़रत
वगर्ना
आज
वो
मुझ
पर
फ़िदा
होती
Read Full
Ganesh gorakhpuri
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Jannat Shayari
Ibaadat Shayari
Gussa Shayari
Akhbaar Shayari
Hijrat Shayari