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Ganesh gorakhpuri
hamaare chaahne se kuchh nahin hogaa
hamaare chaahne se kuchh nahin hogaa | हमारे चाहने से कुछ नहीं होगा
- Ganesh gorakhpuri
हमारे
चाहने
से
कुछ
नहीं
होगा
नदी
है
वो
कभी
वापस
नहीं
मुड़ती
- Ganesh gorakhpuri
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दिल
की
चोटों
ने
कभी
चैन
से
रहने
न
दिया
जब
चली
सर्द
हवा
मैं
ने
तुझे
याद
किया
Josh Malihabadi
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उड़ाने
पर
जो
आ
जाऊँ
उड़ा
दूँ
होश
दुनिया
के
मगर
मैं
फूल
से
तितली
उड़ा
सकता
नहीं
यारों
Divy Kamaldhwaj
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पहले
उसकी
ख़ुशबू
मैंने
ख़ुद
पर
तारी
की
फिर
मैंने
उस
फूल
से
मिलने
की
तैयारी
की
इतना
दुख
था
मुझको
तेरे
लौट
के
जाने
का
मैंने
घर
के
दरवाजों
से
भी
मुँह
मारी
की
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Tehzeeb Hafi
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तुझे
भूल
जाने
की
कोशिशें
कभी
कामयाब
न
हो
सकीं
तिरी
याद
शाख़-ए-गुलाब
है
जो
हवा
चली
तो
लचक
गई
Bashir Badr
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फोन
भी
आया
तो
शिकवे
के
लिए
फूल
भी
भेजा
तो
मुरझाया
हुआ
रास्ते
की
मुश्किलें
तो
जान
लूँ
आता
होगा
उसका
ठुकराया
हुआ
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Balmohan Pandey
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पत्थर
दिल
के
आँसू
ऐसे
बहते
हैं
जैसे
इक
पर्वत
से
नदी
निकलती
है
Shobhit Dixit
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हाथ
काँटों
से
कर
लिए
ज़ख़्मी
फूल
बालों
में
इक
सजाने
को
Ada Jafarey
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नदी
को
कोसते
हैं
सब
किसी
के
डूब
जाने
पर
नदी
में
डूबते
को
पर
कोई
तिनका
नहीं
देता
Alankrat Srivastava
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सभी
रिश्तें
मैं
यूँँ
बचाए
हूँ
जैसे
तड़पते
दियों
को
हवा
देते
रहना
Parul Singh "Noor"
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घर
की
तक़सीम
में
अँगनाई
गँवा
बैठे
हैं
फूल
गुलशन
से
शनासाई
गँवा
बैठे
हैं
बात
आँखों
से
समझ
लेने
का
दावा
मत
कर
हम
इसी
शौक़
में
बीनाई
गँवा
बैठे
हैं
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Abrar Kashif
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दीया
जलाकर
छोड़ते
अक्सर
ज़माने
में
सभी
अब
कौन
जुगनू
पूछता
है
रौशनी
के
बाद
भी
Ganesh gorakhpuri
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शाख़
से
पत्ता
गिरा
तो
ध्यान
मेरी
ओर
आया
ज़िंदगी
को
सिर्फ़
मुश्त-ए-ख़ाक
ही
किसने
कहा
है
Ganesh gorakhpuri
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गरीबों
की
मुहब्बत
का
नहीं
है
मोल
कोई
अब
वगर्ना
देखते
सारे
जहाँ
में
संगमरमर
तुम
Ganesh gorakhpuri
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किसी
ने
आज
फिर
से
टॉस
खेला
है
कभी
तो
इक
कबूतर
फिर
रिहा
होगा
Ganesh gorakhpuri
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हटाया
जा
चुका
था
हुस्न
से
पर्दा
किसी
के
लिए
निगाहें
फेर
ली
जाती
किसी
के
अब
गुजरने
से
Ganesh gorakhpuri
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